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JEE Advanced Result 2019 : कार्तिकेय गुप्ता बने ओवरऑल टॉपर, लड़कियों में शबनम ने मारी बाजी

Sat, 15 Jun 2019 03:13 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : amar ujala
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देश के सभी आईआईटी में दाखिले के लिए  शुक्रवार को जेईई एडवांस-2019 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया। फिलहाल महाराष्ट्र के बल्लारपुर निवासी गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश ओवरऑल टॉपर बने हैं।
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कार्तिकेय मूल रूप से मुरादाबाद के चंदौसी के रहने वाले हैं। ओवरऑल टॉपर सूची में चित्रकूट कर्वी के हिमांशु गौरव सिंह को दूसरा और दिल्ली के अर्चित बुबना को तीसरा स्थान मिला है। लड़कियों के वर्ग में माधापुर की शबनम सहाय ओवरऑल टॉपर बनी हैं। 

जेईई एडवांस के चेयरमैन और आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर एलएल शर्मा के मुताबिक, जेईई-मेन में 18वीं रैंक हासिल करने वाले कार्तिकेय ने एडवांस में 372 में से 346 अंक हासिल कर सभी को पीछे छोड़ दिया। हिमांशु गौरव के 340 अंक, जबकि अर्चित बुबना के 335 अंक रहे। शबनम सहाय ने 308 अंक हासिल किए। ईब्डलयूएस कोटे के तहत माधापुर निवासी डी चंद्रशेखर एसएस हेताहाव्या ने पहला स्थान पाया है।
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परीक्षा :
1,61,319 छात्रों ने दी थी पेपर-1 और 2 की परीक्षा
38,705 छात्र हुए पास, इनमें 5,356 छात्राएं

किस वर्ग में कितने पास
सामान्य वर्ग में 15566, आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) में 3636, ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर वर्ग में 7651, एससी वर्ग में 8758, एसटी वर्ग में 3094 छात्र पास हुए हैं।

जेईई एडवांस 2019 के टॉप 5:

नाम                : रैंक    : अंक

गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश :  पहला :            346
 हिमांशु गौरव सिंह :      दूसरा :            340
अर्चित बुबना   :           तीसरा :             335
जी.आकाश रेड्डी :         चौथा :              333
बी. कार्तिकेय  :           पांचवां :              28

नियमित रूप से छह से सात घंटे पढ़ाई की थी। आईआईटी से इंजीनियरिंग करने का सपना होने के चलते दसवीं कक्षा की परीक्षा के बाद से ही मैंने जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।  - गुप्ता कार्तिकेय चंद्रेश 

मुझे परिवार, शिक्षकों व दोस्तों के सहयोग के चलते सफलता मिली है। मैं प्रतिदिन सात से आठ घंटे नियमित पढ़ाई करता था। इसके अलावा कोचिंग से मिले टिप्स के तहत तैयारी करता रहा।  - हिमांशु गौरव

 बचपन से फिजिक्स और कैमिस्ट्री बेहद पसंद थी। इसीलिए पेरेंट्स ने छठीं कक्षा में ही आईआईटी में दाखिले की तैयारी शुरू करवा दी थी। छठीं से 12वीं कक्षा तक हफ्ते मे 25 घंटे की कोचिंग और घर पर तीन से चार घंटे की प्रतिदिन पढ़ाई के चलते सफलता मिली। - अर्चित बुबना

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