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JEE: सरकार और IIT मद्रास को नोटिस, SC ने पूछा सभी छात्रों को क्यों दिए बोनस अंक

Sat, 01 Jul 2017 04:48 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और आईआईटी मद्रास से पूछा है कि आईआईटी-जेईई परीक्षा में उन छात्रों को बोनस अंक क्यों दिए गए, जिन्होंने ‘गलत प्रश्नों’ को हल करने का प्रयास ही नहीं किया। हालांकि शीर्ष अदालत ने आईआईटी में दाखिले को लेकर चल रही काउंसिलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस बार प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास को दी गई थी।
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न्यायमूर्ति अभय मोहन सप्रे और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अवकाशकालीन पीठ ने मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय और आईआईटी मद्रास से पूछा है कि प्रवेश परीक्षा में ऐसे छात्रों को बोनस अंक क्यों दिए गए, जिन्होंने गलत छपे प्रश्नों को हल करने का प्रयास ही नहीं किया। दोनों को एक हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा गया है। शीर्ष अदालत ऐश्वर्या अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई कर रही है।

छात्रा ने आईआईटी-जेईई परीक्षा में ग्रेस मार्क्स देने को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि परीक्षा में शामिल सभी छात्रों को गलत प्रश्नों के एवज में बोनस अंक दिए गए। गौरतलब है कि गलत प्रश्नों के एवज में आईआईटी मद्रास ने सभी छात्रों को 18 अंक दिए थे। 
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सभी छात्रों को बोनस अंक देने से मेरिट लिस्ट प्रभावित

याचिकाकर्ता ने आईआईटी में दाखिले को लेकर जारी काउंसिलिंग पर रोक लगाने की गुहार लगाई, लेकिन पीठ ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। याचिका में कहा गया कि जिन्होंने गलत प्रश्नों को हल करने का प्रयास किया उन्हें ग्रेस मार्क्स देना ठीक है, लेकिन उन प्रश्नों को हल करने का प्रयास नहीं करने वाले छात्रों को बोनस अंक क्यों दिया गया। 

याचिकाकर्ता छात्रा ने याचिका में कहा है कि सभी छात्रों को ग्रेस मॉर्क्स देने से मेरिट लिस्ट पर असर पड़ा है। कई विद्यार्थियों को इस कारण भारी नुकसान हुआ है। यह उसके और अन्य छात्रों के अधिकार का हनन है। 

उन्होंने मेरिट लिस्ट फिर से तैयार करने की मांग करते हुए कहा कि केवल उन्हीं छात्रों को बोनस अंक दिया जाना चाहिए, जिन्होंने गलत छपे सवालों को हल करने का प्रयास किया था। याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया कि या तो आईआईटी-जेईई-2017 को रद्द कर दोबारा परीक्षा करवाई जाए या छात्रों को अगले वर्ष की परीक्षा में शामिल होने का एक और मौका दिया जाए। 
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