प्रसाद ने नई तकनीक के जरिये एमटीएनएल-बीएसएनल के विलय के बाद स्थिति में बदलाव आने का दावा किया। उन्होंने कहा कि अब तक 92000 लोगों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) मांगी है। प्रसाद ने कहा कि खासतौर से राजधानी में मोबाइल टावर लगाने में जगह और अनुमति मिलने की बहुत अधिक परेशानी है।
'विकिरण का चिड़ियों पर असर नहीं'
प्रसाद ने दावा किया कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरण से चिडियों पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक एक भी अध्ययन में ऐसे तथ्य सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि टावर के लिए सरकार ने वैश्विक मापदंड से दस गुना कड़ा प्रावधान किया है। उल्लंघन करने वालों पर 20 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
ओवैसी से हुई नोकझोंक
प्रसाद की इस दौरान एआईएमआईएम के सांसद असादुद्दीन ओवैसी से भी नोकझोंक हुई। दरअसल प्रसाद ने संसद भवन परिसर में मोबाइल टावर लगाने में हुई परेशानी की बात की तो ओवैसी ने कहा कि आप स्पीकर पर सवाल नहीं उठाईए। इस पर प्रसाद ने कहा कि वह संसद और स्पीकर की बहुत ज्यादा इज्जत करते हैं।