कर्नाटक में मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) घोटाले को लेकर उठा सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) साथ मिलकर कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए पदयात्रा निकालने की तैयारी कर रही थी। मगर अब भाजपा को करारा झटका लगा है। दरअसल, जेडीएस ने इस पदयात्रा से किनारा कर लिया है।
कुमारस्वामी ने भाजपा की जमकर आलोचना
जेडीएस नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि पदयात्रा को लेकर उनकी पार्टी को विश्वास में नहीं लिया गया। साथ ही उन्होंने हासन जिले के एक नेता को कथित तौर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी देने के लिए भाजपा की आलोचना की।
इससे पहले, राज्य में विपक्षी दलों भाजपा और जनता दल सेक्यूलर ने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को एमयूडीए द्वारा भूखंड आवंटन करने के दौरान कथित तौर पर फर्जीवाड़ा करने और सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती सहित अन्य को गलत तरीके से भूखंड देने के खिलाफ तीन से 10 अगस्त तक बंगलुरू से मैसूर तक पैदल मार्च निकालने का फैसला लिया था। इसकी जानकारी खुद भाजपा ने दी थी।
हालांकि, अब कुमारस्वामी ने इस पदयात्रा में शामिल होने और जेडीएस द्वारा भाजपा को समर्थन दिए जाने की संभावना को खारिज कर दिया है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि हम किसी कारण से नैतिक समर्थन नहीं देंगे। उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी को भाजपा ने विश्वास में नहीं लिया, जबकि सच यह है कि जिन क्षेत्रों से यह पदयात्रा गुजरनी थी, वे जेडीएस का गढ़ हैं।
'कई लोग बेघर हो गए, ऐसे में पदयात्रा निकालना सही नहीं'
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की अगुवाई वाली जेडीएस पिछले साल भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल हो गई थी। दोनों दलों ने हाल ही में राज्य में हुए लोकसभा चुनाव एक साथ लड़े थे। उन्होंने कहा कि जब लोग भारी बारिश के बाद कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, कई बेघर हो गए हैं और सैकड़ों गांव असहाय हो गए हैं, तो इस तरह की पैदल यात्रा करना उचित नहीं है। इसलिए हमने पदयात्रा से पीछे हटने का फैसला लिया है।
उन्होंने आगे कहा, 'अब हमें लोगों के दर्द का जवाब देना होगा। मुझे नहीं पता कि इन परिस्थितियों में पदयात्रा की सराहना कौन करेगा।'
केंद्रीय मंत्री ने पूछा- कौन हैं प्रीतम गौड़ा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हासन से भाजपा के पूर्व विधायक प्रीतम गौड़ा एवं अन्य को प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए चुनने के भाजपा के कदम से वह आहत हैं। उन्होंने आगे कहा, 'प्रीतम गौड़ा कौन है? प्रीतम गौड़ा ने देवगौड़ा के परिवार को खत्म करने का बीड़ा उठाया। वे (भाजपा) उनके (प्रीतम गौड़ा) साथ मार्च की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाते हैं और मुझे उनके बगल में बैठने के लिए कहते हैं। जिस व्यक्ति ने मेरे परिवार को खत्म करने की कोशिश की। पेन-ड्राइव बांटने के लिए कौन जिम्मेदार है? मेरी सहनशीलता की एक सीमा है।'
उन्होंने कहा कि क्या वे इसके लिए समर्थन मांग रहे हैं? क्या वे नहीं जानते कि हासन में क्या हुआ? इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
क्या है एमयूडीए घोटाला?
मैसूर जिले के केसारे गांव में सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती के नाम करीब तीन एकड़ जमीन थी। एमयूडीए ने विकास कार्यों के लिए इस जमीन का अधिग्रहण किया। इसके बदले एमयूडीए ने पार्वती को 2021 में विजयनगर में 38,283 स्क्वायर फीट का प्लॉट दिया। ये जमीन दक्षिण मैसूर के पॉश इलाके में है। आरोप है कि विजयनगर की जो जमीन पार्वती को दी गई, वो उनके केसारे वाली जमीन से कहीं अधिक महंगी है। इससे एमयूडीए को नुकसान हुआ।