अनुच्छेद 370 विधेयक का विरोध करने और संसद से बाहर जाने के एक दिन बाद, बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने बुधवार को अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर यू-टर्न लिया और केंद्र के इस कदम का समर्थन किया। इससे पहले, पार्टी के सांसद केंद्र के इस कदम का विरोध करने के लिए राज्यसभा से बाहर चले गए थे।
नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने कहा कि पहले हम इसका विरोध कर रहे थे, लेकिन अब यह कानून बन गया है और देश में लागू हो गया है। इसलिए हम सभी को इसे स्वीकार करना चाहिए। हम सभी को केंद्र सरकार के इस फैसले पर साथ खड़ा होना चाहिए।
सिंह ने बताया कि उनकी पार्टी क्यों इस मुद्दे का विरोध कर रही थी। उन्होंने कहा कि हमारे दिवंगत नेता जॉर्ज फर्नांडीस, जो एनडीए के संयोजक थे, उन्होंने विवादास्पद मुद्दों जैसे तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और राम मंदिर पर समर्थन नहीं करने का फैसला किया था। इसलिए हम इसका समर्थन नहीं कर रहे थे। लेकिन अब यह एक कानून बना चुका है इसलिए इस पर विरोध का कोई मतलब नहीं बनता है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने सोमवार को पार्टी का बचाव करते हुए कहा था कि इस मुद्दे पर सदन से वॉकआउट करना लोकनायक जयप्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे दिग्गज समाजवादी नेताओं की विचारधारा के अनुरूप था।
इससे पहले जेडीयू नेता अजय आलोक ने तो नीतीश कुमार से आग्रह किया था कि वह जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के खिलाफ उठाए गए रुख की समीक्षा करें।