तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की मौत के रहस्य को लेकर एक और तथ्य सामने आया है। मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बीते साल 22 सितंबर 2016 को जयललिता को जब चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल लाया गया तो वह उस वक्त बेहोश थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जयललिता के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं था, हालांकि, वह निमोनिया ज्वर, उच्च रक्तचाप और गले के संक्रमण से पीड़ित थी। उनका शूगर भी काफी बढ़ा हुआ था।
इसी बीच मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से जयललिता के अंगूठे के निशान के बारे में बताने को कहा है जिसमें जयललिता ने एआईएडीएमके के विधायक एके बोस के नामांकन का समर्थन किया था।
बता दें कि जयललिता की मौत की जांच के लिए न्यायिक कमेटी गठित की गई है। रिटायर्ड जस्टिस अरुमुघस्वामी की अध्यक्षता में जांच कमेटी अगले तीन माह में अपनो रिपोर्ट देगी।
मालूम हो कि अगस्त 2017 में राज्य के मुख्यमंत्री ई पलानीसामी ने जयललिता की मौत की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।
गौरतलब है कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता लंबे इलाज के बाद पिछले साल पांच दिसंबर को उनका निधन हो गया था। मौजूदा डिप्टी सीएम पूर्व बागी नेता ओ पन्नीरसेल्वम ने भी लोगों के मन में संदेह होने का हवाला देकर सरकार पर मौत की जांच कराने का दबाव बनाया था।