तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता के निधन की जांच कर रहे आयोग से अपोलो अस्पताल ने एक अनुरोध कर कहा कि इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचने के लिये वह भारी भरकम चिकित्सा दस्तावेजों के निरीक्षण के लिये विशेषज्ञों की मदद ले।
डॉक्टरों के बयान दर्ज करने के दौरान चिकित्सा शब्दावली की गलतियों का जिक्र करते हुए अस्पताल ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति ए अरुमुगास्वामी आयोग से चिकित्सकों का एक विशेषज्ञ पैनल बनाने का भी अनुरोध किया।
चिकित्सकों समेत गवाहों के बयान आयोग द्वारा तमिल में दर्ज किये गए थे। अस्पताल ने कहा कि त्रुटियों में एक बैक्टीरिया ‘‘इंटरोकोक्कस’’ को आयोग द्वारा ‘‘इंडोकार्डाइटिस’’ (अंतर्हृदकला और हृदय के वाल्व में सूजन) के तौर पर दर्ज किया गया है।
आयोग के समक्ष अस्पताल का पक्ष रख रहीं वकील मैमूना बादशाह ने कहा, ‘‘...जहां तक चिकित्सा शब्दावली का सवाल है उसमें कई गलतियां हैं। अंग्रेजी से शब्दावली का तमिल में अनुवाद बड़ी चुनौती साबित होने जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि बयानों में गलतियां बड़ी चीज है और इससे मायने पूरी तरह बदल जाते हैं। याचिका में इन गलतियों को रेखांकित किया गया है।