इस जला देने वाली गर्मी में जहां आप अपने घरों में एसी, कूलर के सामने बैठे हैं वहीं हमारे देश के जवान इसका मजबूरी में फायदा भी उठा रहे हैं। राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान की सीमा पर सीमा सुरक्षा बल के जवान गर्मी में रेत पर पापड़ सेंक रहे हैं। पूरा देश इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है, लेकिन राजस्थान के जैसलमेर में गर्मी का आलम क्या होगा, इस बात का अंदाजा इन जवानों को देख कर लगाया जा सकता है। इसके बावजूद ऐसी तपती गर्मी में जवान मुस्तैदी से सीमा पर देश की सुरक्षा में जुटे हुए हैं।
मुस्तैद जवानों का कहना है कि गर्मी का आलम यह है कि पानी के बर्तन में चावल रख उसे खुले में छोड़ दिया जा रहा है तो करीब तीन घंटे में यह बनकर तैयार हो जा रहा है। अपनी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों से तापमान माप रहे जवानों का दावा है कि अब तक वे अधिकतम 55 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड कर चुके हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार का अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रिकॅार्ड किया गया।
एक प्राइवेट फर्म फोकस एनर्जी के थर्मामीटर के मुताबिक अधिकतम तापमान 54.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन आंकड़ों की पुष्टि करना संभव नहीं है क्योंकि विभाग की प्रयोगशालाएं इस इलाके में नहीं है।
अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट फर्म के दावे इसलिए भी सही नहीं माने जा सकते क्योंकि वे तापमान मापने के दौरान आवश्यक प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं करते हैं। गौरतलब है कि अब तक देश भर में हजारों मौत हो चुकी है। अकेले दिल्ली में 19 दिनों के भीतर 137 लोगों की मौत हो चुकी है।
जवानों का कहना है कि जब वो रेत में चलते हैं तो उनके जूतों की तली पिघल जाती है। गर्मी में जूतों की समस्या से बचने के लिए वो रेगिस्तान में ऊंटों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन ऊंटों के शरीर का तापमान मापने वाली मशीनों का आभाव है।