देशभर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मोदी सरकार ने सख्त नीति बनाते हुए एक भी नया बीएड या डीएड कॉलेज नहीं खोलने का फैसला किया है। सरकार ने बीएड और डीएड कॉलेज के लिए वर्ष 2017-18 को जीरो ईयर घोषित किया है। साथ ही बीएड कॉलेज का प्रैक्टिकल उनके कॉलेज में नहीं, बल्कि सरकारी स्कूल में आयोजित होगा, जिसमें वहां पढ़ने वाले छात्रों का फीडबैक भी शामिल रहेगा। सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी अब बीएड छात्रों को ट्रेनिंग देंगे।
मोदी सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने मंगलवार को नेशनल मीडिया सेंटर में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मंत्रालय की उपलब्धियों को गिनाते हुए विभिन्न योजनाओं को रिव्यू करने की बात भी कही। उन्होंने लर्निंग आउट को शिक्षा के अधिकार में शामिल करने को उपलब्धि बताया।
अब स्कूल की दीवारों पर लगेंगे लर्निंग आउटकम
जावड़ेकर ने बताया कि अब लर्निंग आउटकम के बारे में स्कूल व कक्षा की दीवारों पर भी जानकारी मिलेगी। इसमें आते-जाते छात्रों को पता चलेगा कि उन्हें कितना सीखना है तो शिक्षकों को सिखाने की जिम्मेदारी का अहसास रहेगा। वहीं, अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा कि वे अपने बच्चों के साथ-साथ छात्र से भी जानकारी प्राप्त कर सकें।
वहीं, शिक्षक मंथन कार्यशाला में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की दिक्कतों को समझते हुए उन्हें दूर किया जाएगा। इसी के तहत अब उत्तर भारत के सात राज्यों के सरकारी शिक्षकों की चंडीगढ़ में एक और दो जून को ट्रेनिंग होगी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की योजना तैयार, कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू
प्रतियोगी परीक्षाओं के बोझ से सीबीएसई और एआईसीटीई को निजात दिलाने के लिए सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का प्रारूप तैयार कर लिया है। हालांकि इस योजना को लागू करने से पहले कैबिनेट से मंजूरी लेनी होगी। यूजीसी नेट परीक्षा में रिजल्ट बेहद अच्छा न आने पर मंत्रालय विशेषज्ञों से राय ले रहा है। वहीं, सीबीएसई के वर्ष में दो बार की बजाय एक बार यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित करने पर राय ले रहा है। फिलहाल एआईसीटीई की सब कमेटी इंजीनियरिंग की एक प्रवेश परीक्षा पर राज्यों के सुझावों का इंतजार कर रही है।
महत्वपूर्ण तथ्य :
- नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी योजना के तहत देशभर के विश्वविद्यालय, आईआईटी, एनआईटी आदि जुड़े रहे हैं और करीब 66 लाख शोध, किताब व पत्रिकाएं इस पर उपलब्ध हैं।
-ज्ञान प्रोजेक्ट में पिछले वर्ष 56 देशों के शिक्षकों ने 640 कोर्स के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों में अपनी सेवाएं दीं। जबकि जुलाई सत्र में आठ सौ विदेशी शिक्षक पहुंचेंगे।
- देशभर में 22 लाख 24 हजार सरकारी स्कूल और उसमें 14 करोड़ 31 लाख 51 हजार छात्र पढ़ते हैं। जबकि 56 लाख 22 हजार शिक्षक हैं। एक लाख 26 हजार सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जिसमें दो करोड़ 98 लाख 77 हजार छात्र पढ़ते हैं। जबकि 11 लाख 28 हजार शिक्षक हैं। देशभर में 4 लाख 52 हजार निजी स्कूल (सीबीएसई व राज्य शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त) हैं, जिनमें 8 करोड़ 75 लाख 69 हजार छात्र पढ़ते हैं। जबकि 34 लाख 36 हजार शिक्षक हैं।
-राज्यों की मांग और स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म करते हुए राज्यों को अधिकार दिया गया है। नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म करने के लिए विधेयक तैयार है। सरकार मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद उसे संसद में पास होने के लिए रखेगी।
- जम्मू कश्मीर के छात्रों को उच्च शिक्षा में आगे बढ़ाने के लिए इंजीनियरिंग छात्रों को सवा दो लाख, मेडिकल में चार लाख तो सामान्य शिक्षा के लिए एक लाख 30 हजार की प्रतिवर्ष स्कॉलरशिप दी जा रही है। जबकि देशभर के विश्वविद्यालयों में अब दस सीट प्रति प्रोग्राम कश्मीरी छात्रों के लिए इस वर्ष से आरक्षित होंगी।
- देशभर की करीब 9.65 लाख स्कूली छात्राओं को तीन हजार और उच्च शिक्षा में चार हजार छात्राओं को पांच हजार रुपये रुपये प्रति वर्ष बालिका स्कॉलरशिप में मिल रहे हैं। विभिन्न स्कॉलरशिप अब नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर मिलेगी।
-देशभर के अन्य 38 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में जुलाई सत्र से वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
- 62 जवाहर नवोदय विश्वविद्यालय को मंजूरी तो 27 इसी वर्ष से शुरू होंगे। तीन साल में 59 केंद्रीय विद्यालय शुरू होंगे।
- मिड डे मील स्कीम का रिव्यू करने के साथ अब रसोइयों को लजीज व पौष्टिक आहार बनाने की ब्लॉक स्तर पर मिलेगी ट्रेनिंग।