हरियाणा सरकार जाट संघर्ष समिति को 5 जून से जाट न्याय रैली न करने देने के मामले में आंशिक रूप से ही मना पाई है। समिति के मुखिया यशपाल मलिक ने सरकार को इस दौरान शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्र में रैली निकालने और रेल-सड़क यातायात को बाधित न करने का आश्वासन दिया है।
इस दौरान सरकार ने मलिक को देशद्रोह और अन्य मुकदमों की त्वरित समीक्षा करने का भी आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि इस मामले में सरकार की ओर से परिवहन मंत्री कृष्णपाल पवार और मलिक के बीच 4 घंटे बैठक चली।
-शहरों से दूर ग्रामीण इलाकों में होगी जाट न्याय रैली
-मलिक ने कहा रेल-सड़क यातायात को नहीं किया जाएगा बाधित
-सरकार से मिला मुकदमों की जल्द समीक्षा का आश्वासन
मलिक ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सरकार ने हमारी मुख्य मांगों पर त्वरित समीक्षा का आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा कि जाट आंदोलन मामले में दर्ज किए गए देशद्रोह सहित अन्य मामलों की त्वरित समीक्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुआवजा देने केलिए भी त्वरित उपाय किए जाएंगे।
मलिक ने बताया कि सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद आरक्षण मामले को 9वीं अनुसूची में डालने की प्रक्रिया भी शुरू करने का आश्वासन दिया है। 5जून से जाट न्याय रैली के संबंध में पूछने पर मलिक ने बताया कि इसे वापस नहीं लिया गया है।
हमने सरकार को इस दौरान रेल और सड़क यातायात बाधित न करने और रैली शहर से दूर निकालने का आश्वासन दिया है। पहले चरण में समिति राज्य की महज 15 जिलों में ही रैली निकालेगी।