समझौते के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधि
- फोटो : एजेंसी
दुनिया भर में अपनी जड़ें जमा रहे आतंकवाद से अब भारत और अमेरिका मिलकर लड़ेंगे। इसके लिए दोनों देशों ने आपस में आतंकवाद से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर करार किया है। इस करार के तहत दोनों देश आपस में आतंकवादियों और संदिग्धों के बारे में पूरी जानकारी साझा करेंगे।
इस करार के बाद भारत की आधिकारिक सरकारी एजेंसियां अमेरिका की सरकारी एजेंसियों के साथ संदिग्ध आतंकियों व आतंक से जुड़ी अन्य जानकारी को आसानी से साझा कर पाएंगे। इसके लिए हुए करार पर केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने हस्ताक्षर किए।
- दोनों देशों के बीच आतंकियों के बारे में जानकारी साझा करने को लेकर हुआ करार
- अधिकृत भारतीय एजेंसियां अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां के साथ साझा करेगी जानकारी
इस करार के तहत दोनों देश एक-दूसरे की सुरक्षा एजेंसियों को पहले से तय जगह से खुफिया जानकारी साझा की जाएगी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि यह करार दोनों देशों के बीच आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाएगा।
इस करार पर हस्ताक्षर करने के साथ ही भारत अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी प्रेजिडेंशियल डायरेक्टिव्स-6 (एचएसपीडी-6) में शामिल हो गया है। आतंकवाद से जुड़ी जानकारी साझा करने को लेकर दोनों देशों के बीच पिछले एक साल से बात चल रही थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी और जिसके बाद आखिरकार यह करार मूर्त रूप ले सका।