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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: सीजेपी ने 5 सितंबर का मार्च टाला, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने का दिया हवाला

Tue, 01 Sep 2026 02:58 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा को लेकर हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत रद्द कर दिया है।
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अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को 5 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने का फैसला किया। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की दिशा में उठाए गए कदमों के बाद पार्टी ने यह निर्णय लिया है। सौरव दास ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने पार्टी का बयान पढ़कर सुनाया। इस पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। दास ने अदालत को बताया कि केंद्र की ओर से प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों को वापस लेने के मुद्दे पर की गई पहल को देखते हुए सीजेपी ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च को रद्द करने का फैसला किया है। पार्टी ने अपने बयान में केंद्र के इन कदमों को मार्च वापस लेने के फैसले का प्रमुख आधार बताया। मामले की सुनवाई के दौरान सीजेपी की ओर से अदालत को इस निर्णय की जानकारी दी गई।

एफआईआर रद्द करने के लिए सुनवाई

केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। शीर्ष अदालत केंद्र की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पीठ के उठने से ठीक पहले मौखिक उल्लेख किया और मामले की मंगलवार को सुनवाई की मांग की थी। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि यह अंतरिम अर्जी प्रदर्शन से संबंधित है। यह एफआईआर रद्द करने के लिए है। उन्होंने कहा, हम संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करने की मांग कर रहे हैं। इस पर सीजेआई ने कहा, आवेदन दाखिल कीजिए। अगर पक्षकार सुलह कर रहे हैं तो हमें कोई आपत्ति नहीं।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही जता चुका है मंशा

18 अगस्त को छात्र प्रदर्शनों से जुड़े याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत एफआईआर रद्द करने की मंशा व्यक्त की थी। तब अदालत को बताया गया था कि एफआईआर वापस लेने में कानूनी जटिलताएं हैं। इन्हें केवल क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करके बंद किया जा सकता है, जिसे संबंधित मजिस्ट्रेट खारिज करने का अधिकार रखता है।

कितनी एफआईआर रद्द करने की मांग?

दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल आवेदन में नीट प्रदर्शन से जुड़े 13 एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। साथ ही प्रदर्शन स्थल पर मौजूद 2,873 लोगों के खिलाफ उनकी कथित भूमिका की जांच के लिए नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति भी मांगी गई है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने दिल्ली से जुड़ी सभी एफआईआर को रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और भविष्य में छात्रों को निशाना नहीं बनाए जाने या परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया है।

छात्रों के मुआवजे को लेकर भी क्या उम्मीद?

सौरव दास ने कहा कि नीट विवाद के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के मुआवजे को लेकर भी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा कराने के लिए संगठन स्थिति पर नजर रख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सीजेपी छात्रों और युवाओं के साथ खड़ा रहेगा, खासकर उन लोगों के साथ जिन पर आंदोलन के दौरान कार्रवाई हुई है।

18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?

18 अगस्त को नीट छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत एफआईआर रद्द करने की मंशा जताई थी। उस समय अदालत को बताया गया था कि एफआईआर वापस लेने में कानूनी अड़चनें हैं और इन्हें क्लोजर रिपोर्ट के जरिए बंद किया जा सकता है, जिसे संबंधित मजिस्ट्रेट स्वीकार या खारिज कर सकता है।

कब शुरू हुआ था नीट आंदोलन?

कथित नीट अनियमितताओं के खिलाफ सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ था। यह आंदोलन 25 जुलाई को उस समय समाप्त किया गया, जब तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और सरकार ने संगठन की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया।
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20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था। CJP ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक शांतिपूर्ण मार्च का भी आह्वान किया है।
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