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राहुल पर भाजपा हमलावर: रविशंकर प्रसाद ने कहा- देश की छवि को कर रहे धूमिल, पीएम ने चुनौतियों को अवसर में बदला

Tue, 01 Sep 2026 02:27 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक और कथित रूप से बेबुनियाद बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के बयानों को पाकिस्तान में प्रमुखता से उठाया जाता है, जिससे भारत की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने राहुल गांधी के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ और ‘आर्थिक सुनामी’ जैसे बयानों की निंदा करते हुए कहा कि 2013 के ‘फ्रैजाइल फाइव’ से भारत आज 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि तक पहुंचा है।
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रविशंकर प्रसाद, भाजपा नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, 'लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन एक देश ऐसा है जो उनकी सभी बातों से बहुत प्रभावित होता है; और उस देश का नाम है पाकिस्तान। वे उनकी ऐसी सभी बातों को उठाते हैं और उन्हें हाईलाइट करते हुए कहते हैं, 'विपक्ष के नेता भारतीय अर्थव्यवस्था की खराब हालत के बारे में बात कर रहे हैं।' मैं फिर से पूछूंगा; राहुल गांधी, क्या आपको जरा भी शर्म है? हो सकता है कि आप पीएम मोदी को पसंद न करते हों, भाजपा से नफरत करते हों और हर दिन आरएसएस को बुरा-भला कहते हों... लेकिन पीएम मोदी से नफरत करने और भाजपा व आरएसएस को बुरा-भला कहने के चक्कर में, क्या आप देश को भी बुरा-भला कहेंगे? 'भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है'; ये शब्द आपने उनसे सुने होंगे। 'एक सुनामी आने वाली है।' एक तरह से, आप भारत को बदनाम कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इन झूठों के आधार पर भारत को बदनाम करने की राहुल गांधी की कोशिश की कड़ी निंदा करती है। भाजपा राहुल गांधी के इस गैर-जिम्मेदाराना, झूठे, बेबुनियाद और शरारतपूर्ण दावे की पूरी तरह से निंदा करती है कि 'भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है' और 'एक बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है'।
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'मैं आपको कुछ और बातें बताना चाहता हूं। मैं जान-बूझकर ग्लोबल संकट के बारे में बात कर रहा हूं। 2013 पर नजर डालिए; यहां कई अनुभवी पत्रकार बैठे हैं। उस समय भारत की अर्थव्यवस्था कैसी थी? 'फ्रैजाइल फाइव'। पॉलिसी पैरालिसिस (नीतियों में ठहराव)। भारत की अर्थव्यवस्था ऐसी ही थी। और आज, मैं आपके साथ एक निजी अनुभव साझा करना चाहता हूं। 2013 में, मैं एक इंटरनेशनल सेमिनार के लिए न्यूयॉर्क गया था। उस समय, मैं राज्यसभा में विपक्ष का उप-नेता था। जब लोगों को पता चला कि मैं वहां आया हूं, तो कई निवेशक, अमेरिकी और भारतीय-अमेरिकी दोनों; गहरी चिंता के साथ मुझसे मिलने आए। उन्होंने पूछा, 'क्या हमें अपना पैसा निकाल लेना चाहिए? क्या भारत में हमारा पैसा डूब जाएगा?' मैंने उनसे कहा, 'चिंता मत कीजिए, हम सत्ता में आने वाले हैं और हम सब कुछ ठीक कर देंगे।' तो, 'फ्रैजाइल फाइव' से 7.8% तक का सफर'।
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आज का दिन बहुत उत्साहजनक है- रविशंकर
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'आज का दिन बहुत उत्साहजनक है। ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत रही। 7.8 प्रतिशत का यह आंकड़ा इसलिए भी बहुत अहम है क्योंकि इसी दौरान खाड़ी क्षेत्र में संकट गहरा गया था। तेल की सप्लाई, सप्लाई चेन में रुकावट और ग्लोबल इकॉनमी में अनिश्चितता को लेकर चिंताएं थीं। इन सभी चुनौतियों के बावजूद, भारत की इकॉनमी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी। मैं आपके सामने बहुत विनम्रता से यह कहना चाहता हूं... इसी दौरान कनाडा में ग्रोथ लगभग 1.5 प्रतिशत, जर्मनी में 1 प्रतिशत और यूके में 2.1 प्रतिशत रही। मलयेशिया में यह लगभग 6 प्रतिशत थी, जबकि दक्षिण कोरिया में ग्रोथ लगभग 3.7 प्रतिशत रही। अमेरिका में भी ग्रोथ लगभग 2 प्रतिशत रही। तो, आप अंतर देख सकते हैं... खाड़ी संकट, युद्धों, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी समस्याओं और तेल की आवाजाही में रुकावटों के कारण दुनिया भर में मुश्किलें हैं। इन सभी चुनौतियों के बावजूद, देखिए भारत कहां खड़ा है और बाकी दुनिया कहां खड़ी है। आज, मैं भारत के आर्थिक प्रबंधन को बधाई और सराहना देना चाहता हूं। मैं माननीय प्रधानमंत्री को भी उनकी दूरदर्शिता, समझदारी और नेतृत्व के लिए पूरे दिल से बधाई देता हूं'।
 
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