कबूतरों को दाना मिलना हुआ मुश्किल
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पूर्वी दिल्ली के गणेश नगर चौराहे के एक स्थान पर कबूतरों को दाना खिलाने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। पास बैठे दुकानदार से मक्के-बाजरे के दाने खरीदते हैं और कबूतरों को खिलाते हैं। उनकी मान्यता होती है कि कबूतरों को दाना खिलाने से उन्हें पुण्य मिलता है।
रविवार को भी कबूतर अपनी दिनचर्या के हिसाब से इस चौराहे पर इकट्ठा हो गए थे। शायद इस बात की प्रतीक्षा कर रहे थे कि कोई आएगा और उन्हें दाना डालेगा। मगर इस रविवार को उन्हें दाना खिलाने कोई नहीं आया। उन्हें आसपास सड़क पर पड़े दानों को खाकर ही अपनी भूख मिटानी पड़ी। यह स्थिति केवल कबूतरों के साथ ही नहीं थी। राजधानी के अनगिनत दिहाड़ी मजदूरों और रिक्शा चालकों के सामने भी इन कबूतरों के जैसे ही सवाल थे। उन्हें नहीं मालूम था कि इस परिस्थिति में वे अपना पेट कैसे भरेंगे।
मुंगेर के छोटू रिक्शा चालक ने बताया कि लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं और आज पूरे दिन उन्हें कोई किराया नहीं मिला है। सरकार ने होटलों को भी बंद करने का आदेश दे दिया है। अब उन्हें खाना कहां मिलेगा, इसका भी कोई जवाब उनके पास नहीं है। उनके एक अन्य साथी हरीराम ने बताया कि झुग्गियों में बने एक छोटे से होटल में वे खाना खाते थे, लेकिन आज वह भी बंद है। ऐसे में उनके सामने कोरोना की बजाय भूख से मरने की स्थिति आ गई है।
दिल्ली सरकार ने दी उम्मीद
केजरीवाल सरकार ने गरीबों की भूख मिटाने के लिए अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रखी है। जगह-जगह पर बने रैन बसेरों में गरीबों को खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्हें दवाएं और पानी जैसी अन्य जरूरी चीजें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मगर छोटू और हरिराम जैसे लोगों को अभी भी इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। सरकार की सुविधाओं को इन तक पहुंचाने की कोशिश की जानी चाहिए।
लॉकडाउन में भी मिलेगी ये सुविधाएं
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार शाम को राजधानी में सोमवार से 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़ बाकी सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इस दौरान दूसरे राज्यों की सीमाओं को भी सील कर दिया जाएगा। केवल आवश्यक चीजों को लेकर दिल्ली आ रहे वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश करने दिया जाएगा। सरकार ने इस दौरान राशन, दूध और सब्जी की दुकानों को भी खोले रखने का आदेश दिया है। दिल्ली के सभी पेंशन धारकों की पेंशन भी बढ़ाकर दोगुनी कर दी गई है। राशन की दुकानों पर भी अब पहले से अधिक राशन उपलब्ध कराया जाएगा।