आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा जनसेना, बीजेपी और टीडीपी ने प्रदेश को सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी से छुटकारा दिलाने के हाथ मिलाया है। तीनों दल यह सुनिश्चित करने के लिए एक हुए हैं कि सत्ता विरोधी वोट विभाजित न हो।
अपने प्रजागलम चुनाव प्रचार दौरे के हिस्से के रूप में पलनाडु जिले के पेडाकुरापाडु में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए, पूर्व सीएम ने कहा कि एनडीए के सहयोगी आंध्र प्रदेश के भविष्य के लिए एक साथ आए हैं।
जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने पहले ही लोगों से आह्वान किया है कि उन सभी को राज्य को इस बुराई (वाईएसआरसीपी) से छुटकारा दिलाने के लिए हाथ मिलाना चाहिए। आप सभी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीडीपी, जनसेना और बीजेपी ने हाथ मिलाया है।
टीडीपी प्रमुख ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व में राज्य ने पांच साल का खराब शासन झेला। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी सरकार के तहत मुस्लिम समुदाय के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है।
पूर्व सीएम ने समुदाय को आश्वासन दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेंगे। नायडू ने कहा कि टीडीपी पहले भी एनडीए का हिस्सा रही है, लेकिन मुस्लिम समुदाय के प्रति कोई अन्याय नहीं हुआ है।
रेड्डी ने राज्य को पूरी तरह नष्ट कर दिया: नायडू
रेड्डी को सत्ता का भूखा व्यक्ति बताते हुए नायडू ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश को हर तरह से लूटा गया है, साथ ही उन्होंने कहा कि रेत खनन एक आकर्षक व्यवसाय बन गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर अमरावती का निर्माण पूरा हो गया होता, तो राज्य को प्रति वर्ष एक लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिलता, लेकिन रेड्डी ने राज्य को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
यह कहते हुए कि वह भविष्य में 20 साल की योजना बना रहे हैं, नायडू ने 2000 में अनावरण किए गए अपने विजन -2020 को याद किया और कहा कि 2047 तक, भारत दुनिया का नंबर एक देश होगा।