जम्मू में जिस तरह के खुफिया इनपुट मिल रहे हैं, उनमें सांप्रदायिक दंगा कराने की साजिश सामने आई है। जम्मू, उधमपुर और दूसरे इलाकों में स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं। केवल हिंदू मुस्लिम ही नहीं, बल्कि सिखों को भी इस साजिश का हिस्सा बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता (रिटायर्ड) कहते हैं, अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के निकट पंजाब, जम्मू, पठानकोट और उधमपुर में सैन्य ठिकाने लगते हैं। पाकिस्तानी स्लीपर सेल इन ठिकानों पर भी ड्रोन से हमला कर सकते हैं। जम्मू में तो कई दिन तक ड्रोन उड़ाए जाते रहे हैं। घाटी में पांच आतंकी मारे गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा को नहीं मानता पाक
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सचेत हैं। पाकिस्तान तो अभी तक अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा को आईबी नहीं मानता। वह इसे वर्किंग बॉर्डर कहता है। पाकिस्तान, अपने स्लीपर सेल के जरिए नारकोटिक्स और दूसरे अवैध पदार्थ, आईबी के मार्फत सीमा पार कराने का प्रयास करता है।
जम्मू में ड्रोन हमला, पाकिस्तानी की इसी साजिश का हिस्सा है। पिछले दिनों पकड़े गए टीआरएफ के आतंकी से हुई पूछताछ में भी यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान, जम्मू में सांप्रदायिक दंगा कराना चाहता है। इसके लिए पाकिस्तान ने स्लीपर सेल को ट्रेंड किया है।
चूंकि पाकिस्तान को दुनिया को यह दिखाना है कि जम्मू कश्मीर पूरी तरह से अशांत क्षेत्र है, इसलिए उसने जम्मू को निशाना बनाने की योजना बनाई है। इस साजिश में पाकिस्तान कामयाब नहीं होगा। दशकों से जम्मू में हिंदुओं, मुस्लिमों और सिखों का भाईचार रहा है। यह आगे भी जारी रहेगा। अनिल गुप्ता ने कहा, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां बहुत जल्द स्लीपर सेल को उनके ठिकानों से बाहर निकालेंगी।