फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हमारे जम्मू-कश्मीर के दामाद जल्द स्वस्थ हों : गुलाम नबी आजाद

Mon, 24 Jun 2019 09:16 PM IST
अमर शर्मा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
गुलाम नबी आजाद
विज्ञापन
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद का संबोधन का अपना एक तरीका है। सभ्यता और परंपरा के साथ कूटनीति, राजनीति में पिरोए वाक्यों के कारण आजाद को राजनीति का मर्मज्ञ भी माना जाता है। गुलाम नबी आजाद ने अपने अंदाज में अरुण जेटली को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से उनके निजी संबंध हैं। आजाद ने कहा कि अरुण जेटली उनके राज्य जम्मू-कश्मीर के दामाद भी हैं। इसलिए वह उनके जल्द स्वस्थ होने, संसदीय कामकाज में लौटने की दुआ करते हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में बोलते हुए गुलाम नबी ने इसके बाद सत्ता पक्ष पर जहर बुझे तीरों से खूब वार किया।  

हम हजारों साल विपक्ष में बैठेंगे, लेकिन...

आजाद ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष की तरफ से चर्चा की शुरूआत करते हुए भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को नसीहत दे डाली। सत्ता पक्ष की तरफ से चर्चा की शुरुआत जेपी नड्डा ने की थी। नड्डा ने इस दौरान विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा था कि वह भी सत्ता पक्ष के अपनाए रास्ते पर चले। इसके जवाब में आजाद ने कहा कि हम हजारों साल विपक्ष में बैठना मंजूर कर लेंगे, लेकिन आपके रास्ते पर नहीं चलेंगे। हम आपका रास्ता नहीं अपना सकते। 

कसा तंज, टीवी से चलती है सरकार

आजाद ने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आपकी तरह हम टीवी से सरकार नहीं चला सकते। आजाद के इतना कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। लेकिन आजाद ने कहना जारी रखा। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष देश के लोकतंत्र, धर्म निरपेक्ष मूल्यों, संघीय चरित्र, समाजवाद, अनेकवाद में विश्वास करता है। हम देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता, अस्तित्व, मान-सम्मान को जरूरी मानते हैं। इसलिए आपके रास्ते पर नहीं चल सकते। 

'बापू के हत्यारों को देशभक्त बताते हैं भाजपाई'

उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को लेकर भी केंद्र सरकार पर तंज कसा। आजाद ने कहा कि सरकार राष्ट्रपिता की 150 जयंती मनाने जा रही है, लेकिन भाजपा के एक प्रत्याशी ने चुनाव के दौरान राष्ट्रपिता के कातिल को कातिल मानने से इनकार कर दिया। भाजपा के प्रत्याशी ने उस कातिल को कातिल के बजाय देशभक्त बताया।
विज्ञापन


जबकि प्रधानमंत्री को चाहिए था कि अपने उस प्रत्याशी को तत्काल पार्टी से निकालते और चुनाव में भाजपा का प्रत्याशी होने से खारिज करते। गुलाम नबी ने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर नेहरू द्वारा लिए गए एक फैसले का हवाला दिया, जहां उन्होंने कांग्रेस की बजाय निर्दलीय को जिताने की अपील कर दी थी। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें