केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विधान सभा में परिसीमन के बाद सीटों की संख्या 107 से बढ़ कर 114 हो गई है। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक के जरिए सरकार ने राज्य के विस्थापितों (कश्मीरी पंडितों) के लिए दो और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के विस्थापितों के लिए एक सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया है। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक लोकसभा में बुधवार को पेश किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस विधेयक में जम्मू-कश्मीर की विधान सभा में कश्मीरी प्रवासियों, पीओके के विस्थापितों और अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का प्रावधान है ताकि उनके राजनीतिक अधिकारों के साथ-साथ उनके समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास को संरक्षित किया जा सके।
इस विधेयक में इससे जुड़े अधिनियम की धारा 14 में संशोधन कर दो नई धाराएं 15ए और 15बी जोड़ी गई है। ये दो नई धाराएं पीओके और कश्मीर से विस्थापितों का विधानसभा में अनिवार्य प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेंगी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) बिल 2023 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नामांकन के आधार पर विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए दो सीटें और पाकिस्तान के कब्जे वाले (पीओके) कश्मीर के विस्थापितों के लिए एक सीट रिजर्व की जाएगी। कश्मीरी पंडितों की एक सीट महिला के लिए भी आरक्षित रहेगी।