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पत्थरबाजों पर मेहरबान हुई मुफ्ती सरकार, वापस लिए 9,730 केस

Sun, 04 Feb 2018 01:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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mehbooba - फोटो : ANI
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अभी भारतीय जवानों पर FIR दर्ज करने का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि मुफ्ती सरकार के एक और कदम पर हंगामा हो गया है। जम्मू कश्मीर सरकार ने पत्थरबाजी के 9730 मामले वापिस लिए गए हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को विधानसभा में दी। विधानसभा में लिखित जवाब उन्होंने कहा कि पिछले 2 सालों में पत्थरबाजी की छोटी-मोटी घटनाओं में शामिल 4 हजार लोगों के लिए माफी की सिफारिश की गई है। उन्होंने लिखा कि पत्थरबाज और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए आरोपियों की पहचान को उजागर नहीं किया गया है। 

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सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि साल 2016 और 17 में 3,773 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिसमें से 233 लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि सात मामले ऐसे हैं जो सिद्ध नहीं हुए। सीएम के विवरण के मुताबिक 1692 मामलों में चार्जशीट दाखिल हुई है और 1841 मामले ऐसे हैं जिन पर अब भी जांच चल रही है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2016 में अनंतनाग में आंतकियों से साथ हुई मुठभेड़ में बुरहानी वाणी की मौत हुई थी। जिसके बाद घाटी में तनाव का माहौल पैदा हो गया था। तनाव के इस माहौल में हुई हिंसा के दौरान 85 लोगों की मौत हो गई थी। 
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सीएम मुफ्ती ने बताया कि 2016 में पत्थरबाजी के 2904 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 8570 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके अलावा 2017 के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा इस साल मामलों में गिरावट देखी गई और 869 मामले दर्ज हुए। जिसके तहत 2720 लोगों की गिरफ्तारी हुई। मुफ्ती ने अपने विवरण में यह भी बताया कि राज्य के किस भाग से कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया। श्रीनगर में 2330 लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद बारामूला में 2046, कुपवाड़ा में 1123, पुलवामा में 1385, अनंतनाग में 1183 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा बड़गाम में 783, गांदरबल में 714, शोपियां में 694, बांदीपोरा में 548, कुलगाम और डोडा में 547 और 2 लोगों को गिरफ्तार किय गया। 

उन्होंने बताया कि पत्थरबाजी के 4949 मामलों में 56 कर्मचारी और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के 16 दोषी कार्यकर्ता दोषी पाए गए। विवरण की जानकारी के मुताबिक 4074 लोगों का संबंध किसी आतंकवादी संगठन से नहीं है।  

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