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नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची जमीअत उलमा-ए-हिन्द, राजीव धवन करेंगे पैरवी

Tue, 17 Dec 2019 11:35 PM IST
Trainee Trainee डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
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मुस्लिम समाज के शीर्ष संगठन जमीअत उलमा-ए-हिन्द ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर दिया है। संगठन के शीर्ष नेता मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा है कि यह अधिनियम संविधान की मूल भावना का उल्लंघन करता है और नागरिकों के बीच धार्मिक आधार पर भेदभाव करता है, इसलिए इस अधिनियम को रद्द किया जाए।

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मामले की पैरवी राजीव धवन करेंगे जो कि इसके पहले भी राम मंदिर मामले में मुस्लिम संगठनों का पक्ष कोर्ट में रख चुके हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में पूरे देश में जगह-जगह पर प्रदर्शन हो रहे हैं। देश के कई शीर्ष विश्वविद्यालयों में छात्र इस अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी इस पर विरोध की रणनीति अपनाई है।

इस विरोध को देखते हुए इस मामले का सुप्रीम कोर्ट में पहुंचना अहम माना जा रहा है। इस मामले पर इसके पहले भी कुछ संगठन सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले को चीफ जस्टिस एसए बोबडे के सामने उल्लेख किया था। सुप्रीम कोर्ट इन मामलों पर 18 दिसंबर को सुनवाई कर सकता है।   

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