इसी तरह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विभिन्न सेवाओं को लेकर राज्य सरकार व केंद्र सरकार के बीच कानूनी विवाद संबंधी याचिका की सुनवाई पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने स्थगित कर दी। जामिया हिंसा मामले को लेकर दायर याचिका में कहा गया है कि इसकी स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से जामिया हिंसा मामले की जल्दी सुनवाई का आग्रह किया। इस मामले को लेकर शीर्ष कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
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जामिया हिंसा मामले को लेकर दायर याचिका में कहा गया है कि इसकी स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इसी तरह, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विभिन्न सेवाओं को लेकर राज्य सरकार व केंद्र सरकार के बीच कानूनी विवाद संबंधी याचिका की सुनवाई पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने स्थगित कर दी। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर सुनवाई को स्थगित किया। मेहता ने कहा कि वे विदेश यात्रा के कारण 9 नवंबर को अनुपलब्ध रहेंगे। इसके बाद पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की।
Supreme Court requests the Delhi High Court to give an early hearing to the plea seeking independent inquiry relating to Jamia violence and registration of FIRs against the erring persons. pic.twitter.com/EYV6xuriaa
इससे पहले शीर्ष अदालत ने 27 सितंबर को कहा था कि जस्टिस चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ इस मामले की रोजाना के आधार पर नौ नवंबर से सुनवाई शुरू करेगी। पांच सदस्यीय पीठ के अन्य सदस्य जस्टिस एम आर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस पी एस नरसिम्हा हैं।