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जामिया फायरिंग : राहुल ने पूछा- किसने दिया पैसा, गुलाम नबी बोले- सरकार की मंजूरी से हो रहा

Fri, 31 Jan 2020 01:20 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गोलीबारी करने वाला युवक - फोटो : PTI
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया में गुरुवार को सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक युवक ने गोलीबारी कर दी थी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया था। इस मामले को लेकर अब राजनीति गर्माने लगी है।
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर एक युवक द्वारा गोली चलाए जाने की घटना को लेकर शुक्रवार को सवाल किया कि इस बंदूकधारी को पैसे किसने दिए थे।

संसद भवन परिसर में गांधी ने गुरुवार को जामिया में गोलीबारी की घटना के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उसको पैसे किसने दिए? पुलिस की मौजूदगी में गोली चलाने के बाद किशोर को यह भी कहते सुना गया कि ‘ये लो आजादी।’ कुछ देर बाद ही उसे हिरासत में ले लिया गया।
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 प्रियंका ने कहा- जब मंत्री उकसाएंगे तो ऐसा ही होगा

राहलु गांधी के साथ-साथ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप गोलीबारी की घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। प्रियंका ने कहा कि जब मंत्री और नेता लोगों को गोली मारने के लिए उकसाएंगे तो ऐसी घटनाएं होना मुमकिन है।

प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘जब भाजपा सरकार के मंत्री और नेता लोगों को गोली मारने के लिए उकसाएंगे, भड़काऊ भाषण देंगे तब ये सब होना मुमकिन है। प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए कि वे कैसी दिल्ली बनाना चाहते हैं? वे हिंसा के साथ खड़े हैं या अहिंसा के साथ? वे विकास के साथ खड़े हैं या अराजकता के साथ?

 


शशि थरूर ने सरकार को ठहराया जिम्मेदार
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जामिया फायरिंग पर कहा कि यह सरकार भी नफरत की आबोहवा पैदा करने के लिए जिम्मेदार है, लोगों को लगता है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बंदूक चलाने के लिए उन्हें अधिकार दिया गया है। यह वास्तव में चौंकाने वाला और बहुत ही निराशाजनक है। निश्चित रूप से, पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
 
गुलाम नबी बोले- यह सब सरकार की मंजूरी से हो रहा है
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जामिया शूटर के साथ-साथ उन नकाबपोश लोगों (जेएनयू पर) के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वे सत्ता पक्ष के लोग थे। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, यह सब सरकार की मंजूरी से हो रहा है।





गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को एक व्यक्ति ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर पिस्तौल से गोलियां चलाईं गई, जिसमें एक छात्र घायल हो गया। इससे पहले वह इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच पिस्तौल लहराते हुए आया और चिल्लाकर कहा ‘यह लो आजादी’। बाद में पुलिस ने उसे पकड़ कर हिरासत में ले लिया था।

 

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