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काशी में पूरा हुआ ‘जलपरी’ का अभियान, बेटी के बचाव में आईं मां

Wed, 07 Sep 2016 05:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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- फोटो : amarujala
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तमाम झंझावातों को पार करते हुए आखिरकार 11 साल की तैराक श्रद्धा शुक्ला ने काशी में अपना अभियान पूरा किया। श्रद्धा मंगलवार की शाम 3:45 बजे दशाश्वमेध घाट पहुंचीं। सैकड़ों लोगों ने हर-हर महादेव के जयघोष के बीच इस तैराक बाला का स्वागत किया।
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श्रद्धा ने कानपुर से बनारस की 570 किलोमीटर की दूरी दस दिनों में पूरी की। अभियान की कामयाबी पर श्रद्धा का पूरा परिवार गदगद है। मां ने कहा कि गंगा की तरह पवित्र है मेरी बेटी का अभियान। उसने साबित कर दिया है कि बेटियां नामुमकिन को भी मुमकिन कर सकती हैं।

श्रद्धा की मां वंदना शुक्ला ने कहा कि मेरी बेटी के साहसिक अभियान को संदेह की नजर से देखने वालों को ईश्वर जवाब देगा। मैं जानती हूं कि मेरी बेटी ने पूरी ईमानदारी से अपने मिशन को पूरा किया है। सुर्खियां बटोरने के लिए कुछ लोग अभियान को लेकर गलतबयानी कर रहे हैं। जिन्हें हौसला बढ़ाना चाहिए था, वे खामियां गिना रहे हैं। कहा कि सरकार ने भी हमारी कोई मदद नहीं की। न तो सुरक्षा दी और न ही कोई सुविधा।
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सवा सात घंटे में चुनार से पहुंची दशाश्वमेध घाट

- फोटो : amarujala
11 साल की नन्ही जलपरी ने मंगलवार की सुबह साढ़े आठ बजे चुनार से अपने अभियान की शुरुआत की और सात घंटे बाद काशी में अपने अभियान को पूरा किया। इस दौरान उसके आगे और पीछे चार नावें चल रही थीं, जबकि साथ में दो लाइफ सेवर तैराक और पिता ललित तिवारी मनोबल बढ़ाने के लिए तैर रहे थे।

लगभग डेढ़ बजे के पूरा दल रामनगर पहुंचा। वहां लोगों ने दल का जोरदार स्वागत किया। आधा घंटे के ठहराव के बाद श्रद्धा अपने अंतिम पड़ाव दशाश्वमेध घाट के लिए रवाना हुई। स्वागत के लिए अहिल्याबाई घाट, शीतला घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट पर लोग पहले से ही मौजूद थे।

पीएसी की मोटरबोट की देखरेख में श्रद्धा दशाश्वमेध घाट पहुंची। उसकी एक झलक पाने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गयी। श्रद्धा को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के सलाहकार एएन सिंह भी पहुंचे थे।

कापड़ी पर करूंगा मानहानि का मुकदमा: ललित

jalpari - फोटो : amarujala
श्रद्धा के पिता ललित शुक्ला ने कहा कि हमने जब विनोद कापड़ी को फिल्म बनाने से रोका तो उन्होंने विवाद खड़ा किया। मना करने के बाद भी वे दो दिन तक श्रद्धा को शूट करते रहे। जब मैंने उनसे स्टूडियो का लेटर हेड और एग्रीमेंट के कागजात मांगे तो वे हमेशा टालमटोल करते रहे। बात बढ़ने पर उन्होंने अभियान को नष्ट करने की धमकी तक दी।

अभियान दल के सदस्यों को शराब पिलाकर गलत तरीके से बयान शूट किया। कहा कि कापड़ी ने ब्लैकमेल करने का कोई हथकंडा बाकी नहीं रखा। हमसे दो लाख रुपये मांगे। ललित ने कहा कि वे कापड़ी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे।


"इतने कम उम्र में इतनी लंबी दूरी तैरकर पार करना वाकई बड़ा साहसिक काम है। हमें आरोपों-प्रत्यारोपों को दरकिनार कर इस होनहार तैराक का हौसला बढ़ाना चाहिए। इसकी उपलब्धियों की रिपोर्ट मैं मंत्रालय को भेजूंगा। कानपुर की इस तैराक बाला को दिल्ली बुलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित कराने का भी प्रयास किया जाएगा।"
-एएन सिंह, सलाहकार, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
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जलपरी को यादगार-ए-काशी सम्मान

- फोटो : amarujala
इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से जलपरी श्रद्धा शुक्ला को यादगार-ए-काशी सम्मान से नवाजा गया। मुख्य अतिथि गंगोत्री सेवा समिति के किशोरी रमण दूबे ने जलपरी को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम दिया। अध्यक्ष एमएस खुर्शीद सहित धीरज मिश्रा, राज जायसवाल, जिशान अली, जमाल अंसारी, डॉ. जावेद अख्तर, फरीद अंसारी, आमिर खान, तौसीफ सिद्दीकी, आकिब खान मौजूद रहे।

"गंगा के तेज वेग में तैरना बेहद मुश्किल है। इसमें हमेशा जान जोखिम में रहती है। श्रद्धा के जज्बे सलाम करूंगा कि उसने जो ठाना था, पूरा करके ही दम लिया। मैं उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। इस तैराक में असीम प्रतिभा है।"
-अकबर अली, अध्यक्ष सरस्वती स्वीमिंग एसोसिएशन
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