प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए संघ पीएम मोदी को अब अपनी समन्वय बैठकों में नहीं बुलाएगा। जरूरत पड़ने पर संघ के शीर्ष पदाधिकारी खुद ही पीएम से मिलकर चर्चा कर सकते हैं। संघ के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार पिछली बार दिल्ली में हुई समन्वय बैठक में पीएम मोदी को बुलाने को लेकर विरोध के स्वर उभरे थे और विवाद भी खड़ा हो गया था।
विपक्ष ने इसे लेकर पीएम पर निशाना साधा था। पिछले वर्ष की बैठक में भी कई वरिष्ठ प्रचारकों की राय पीएम को बैठक में बुलाने के पक्ष में नहीं थी। चूंकि उस वक्त फैसला हो गया था। इसलिए पीएम बैठक में शामिल हुए थे। मगर अब उन्हें संघ की समन्वय बैठकों में नहीं बुलाया जाएगा।
संघ ने यह कदम मीडिय़ा में उठने वाले विवाद को रोकने के प्रयास में उठाया है। समन्वय बैठकें मीडिय़ा की सूर्खियां न बने इसके लिए भी संघ ने व्यवस्था की है। अब बड़ी बैठकों के अलावा विषयों के आधार पर छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन कर एक-दूसरे के विचारों को समझने का प्रयास होगा। बीते माह ऐसी बैठकें की गईं।