'हर घर नल का जल' योजना बिहार में सितंबर 2016 में लागू की गई थी। जिसमें पांच सालों के अंदर 20 मिलियन (दो करोड़) घरों तक पाइप के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। वर्तमान में केवल 0.8 मिलियन घरों में यह सुविधा मौजूद है। वर्तमान में शहरी और ग्रामीण बिहार में जल आपूर्ति की गुणवत्ता और मात्रा के मसलों के समाधान के लिए चार उप-योजनाएं चल रही हैं।
भारत के नक्शे में गंगा का मैदानी भाग (सांकेतिक)
साल 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के खिलाफ हर घर तक पीने का साफ पानी पहुंचाना नीतीश कुमार के सात नीतिगत संकल्पों में से एक था। 2015 में जनता दल यूनाइटेड (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने मिलकर बिहार में चुनाव लड़ा था। हालांकि यह महागठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चला और जदयू एनडीए का हिस्सा बन गई। अधिकारियों का कहना है कि जल आपूर्ति के बिहार मॉडल को उन क्षेत्रों में लागू करने पर विचार किया जा सकता है जहां भूजल काफी अधिक मात्रा में मौजूद है। जिसमें पंजाब से लेकर असम तक के गंगा के मैदानों वाले राज्य शामिल हैं।