गर्मियों के मौसम में गांवों में पेयजल की किल्लत न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कहीं भी जलसंकट की स्थिति न बनने पाए, इसके लिए अभी से आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक इंजीनियर रोजाना कम से कम 10 ग्राम प्रधानों से संवाद कर जलापूर्ति की स्थिति की जानकारी लें और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को परेशानी न हो।
समीक्षा बैठक में सड़क रिस्टोरेशन कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि जहां पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां मार्च के अंत तक सभी रिस्टोरेशन कार्य पूरे कर लिए जाएं। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और किसी भी कमी पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों व जनता से संवाद पर जोर
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति की नियमित जानकारी दी जाए और इसमें किसी तरह का संकोच न किया जाए। उन्होंने मीडिया और आम जनता से भी संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे।