मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के 'हर घर जल योजना' के तहत मंगलवार को गुजरात के तीन जिलों ने एक साथ 'हर घर जल' जिला बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही देशभर में हर घर जल योजना को लागू करने वाले जिलों की सेंचुरी लगने वाली है। पंजाब के 14 और गुजरात के 10 जिलों को मिलाकर देश के विभिन्न राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के 95 जिले, हर घर जल जिला बन गए हैं। खास बात यह है कि जनवरी, 2022 के शुरुआती 25 दिन में ही पंजाब के आठ और गुजरात के चार जिलों, यानी 12 नए जिलों ने हर घर जल जिला बनने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही देशभर के 46 फीसदी ग्रामीण घरों नल से जल मिलने लगा है।
गुजरात के डांग, जूनागढ़ और गिर सोमनाथ के अलावा पाटण जिला ने भी जनवरी, 2022 में ही हर घर जल जिला बनने की उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले आणंद, बोटाद, गांधी नगर, महेसाणा, पोरबंदर और वडोदरा हर घर जल जिला बन चुके हैं। मसलन इन 10 जिलों के सभी 23 लाख 85 हजार 268 घरों के साथ राज्य के 83 लाख 21 हजार घरों में नल से जल मिलने लगा है। जो प्रदेश के कुल 91 लाख 77 हजार घरों का करीब 91 फीसदी है। मिशन की घोषणा के समय गुजरात के 65 लाख 16 हजार घरों में ही पीने का पानी उपलब्ध था। यानी इस 29 महीने के कालखंड में 18.5 लाख से ज्यादा नए कनेक्शन दिए गए।
केंद्र सरकार की राज्यों के सहयोग वाले जल जीवन मिशन—हर घर जल योजना में पंजाब के 14 जिलों ने हर घर जल जिला की उपलब्धि हासिल कर ली है। वर्ष 2022 के पहले महीने के शुरुआती 25 दिन में आठ नए जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है।
अब पंजाब के 22 जिलों में से 14 जिलों के हर ग्रामीण घर में नल से जल मिलने लगा है। यहां के 11 हजार 175 गांव में किसी भी परिवार को पीने का पानी लेने के लिए घर से बाहर नहीं जाना पड़ता है। पंजाब के हर ग्रामीण घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य 2022 में ही पूरा किया जाना है। मिशन की शुरुआत के समय राज्य के 16.78 लाख घरों में ही पीने का पानी उपलब्ध था। जो अब पंजाब में 34.40 लाख ग्रामीण परिवारों में से 33.90 लाख घरों यानी 98.57 फीसदी तक पहुंच गया है।