केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार चुनावी बॉन्ड योजना को अंतिम रूप दे रही है। इस योजना का लक्ष्य चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता लाना है।
नई दिल्ली में ‘इंडिया एट 70 मोदी एट 3.5’ पुस्तक विमोचन समारोह के मौके पर जेटली ने कहा, ‘मैंने इस साल इसकी घोषणा की थी और मैं इसे लागू करने के लिए काफी उत्सुक हूं। यह अंतिम चरण में है। हम कैसे राजनीतिक फंडिंग को वैध करे, ताकि अंडरग्राउंड फंडिंग पर रोक लगे और एक वैकल्पिक तंत्र विकसित हो।’
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गौरतलब है कि इस वर्ष के बजट में जेटली ने इस योजना की घोषणा की थी। इसके अनुसार प्रस्तावित बॉन्ड एक वचन पत्र के समान होंगे, न कि ब्याज-भुगतान ऋण साधन के रूप में। ये अधिकृत बैंकों द्वारा बेचे जाएंगे और उनकी वैधता की अवधि के भीतर राजनीतिक दलों के अधिसूचित खातों में जमा किए जा सकेंगे।
बॉन्ड में दाता का नाम नहीं होगा और यदि पैसा बैंकों के जरिए ही ट्रांसफर होगा तो यह सुनिश्चित होगा कि केवल टैक्स देने बाद ही पैसा राजनीतिक तंत्र में आएगा।
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