जेटली की हो चुकी है गैस्ट्रिक सर्जरी
पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं। 14 मई 2018 को एम्स में उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसके लिए डॉक्टरों की टीम बाहरी अस्पतालों से आई थी। इनमें दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ के थे।
बताया यहां तक जाता है कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान टीम में एम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग का एक भी डॉक्टर नहीं था। जनवरी 2019 पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा (फेफड़ा) में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे। इसे लेकर उन्हें न्यूयार्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है।
डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।
कई महीने से रह रहे हैं आइसोलेशन में
डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं। बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं।
उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।