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काले धन से जुड़े 409 विदेशी खातों पर हुई कार्रवाईः जेटली

Tue, 21 Mar 2017 11:13 PM IST
amarujala.com, presented By: अभिषेक मिश्रा
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- फोटो : file
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में जानकारी दी कि विदेशों में कालाधन जमा करने वाले एचएचबीसी खाताधारकों की सूची जो स्वीट्जरलैंड और अन्य प्रक्रिया के माध्यम से मिली थी उसमें से 628 मामलों की जांच पूरी की जा चुकी है।
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कुछ खातों में कोई रकम नहीं मिली है। इनमें से 409 खाताधारकों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन खातों में करीब 8457 करोड़ रुपए का आंकलन किया गया है और 490 मुकदमें दर्ज कराए गए हैं। जेटली ने यह जानकारी सांसद राम जेठमलानी के सवाल के जवाब में दी। जेठमलानी के सवाल को लेकर राज्यसभा में हंगामा भी हुआ। 

दरअसल कांग्रेस सदस्य एमवी राजीव गौड़ा ने विदेश में जमा कालेधन को देश में लाने और हर भारतीय के बैंक खाते में 15 लाख रुपए नहीं पहुंचने का सवाल उठाया था। जिस पर जेटली ने उत्तर दिया। जेठमलानी का सवाल इसी से जुड़ा था लिहाजा उत्तर से असंतुष्ट जेठमलानी ने जेटली पर टिप्पणी कर दी। इसे लेकर भाजपा सांसद और अन्य मंत्री उत्तेजित हो गए और जेठमलानी से माफी मांगने की मांग करने लगे। इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टोकाटोकी शुरू हो गई।
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सभापति हामिद अंसारी ने हस्तक्षेप कर असंसदीय शब्द को हटवा दिया। मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण ने भी नाराजगी जताई। सभापति ने कहा मंत्री ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते हैं। करीब दस मिनट तक सदन में जेठमलानी अपने प्रश्र के लिए खड़े रहे और टोकाटोकी जारी रही। 
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- फोटो : फाइल फोटो
जेठमलानी ने कहा आप हमारा प्रश्र सुनेंगे तो शर्मिदा होंगे अपने आचरण पर। उन्होंने सभापति ने कहा कि शांति बनाने के लिए इन्हें बाहर निकालें। इस पर सभापति ने भी चुटकी ली कि रोचक सुझाव है लेकिन लागू नहीं किया जा सकता है।

जेठमलानी ने सवाल किया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने कालेधन और भ्रष्टाचार से जुड़े 475 मिलियन डॉलर से संबंधित जिन भारतीयों के नामों का खुलासा किया है उस पर सरकार ने क्या किया है। सरकार ने इन लोगों का ब्यौरा लिया कि  नहीं । इसी के बाद जेटली ने अपने उत्तर में एचएचबीसी से संबंधित जानकारी सदन में पेश की। 

कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने विदेशी रास्ते से शैल कंपंनियों की आड़ में देश में कालेधन आने का सवाल उठाया। जिस पर जेटली ने बताया कि मॉरिशस, सिंगापुर और साइप्रस के साथ हमारी कराधान संधि है।

मॉरिशस के साथ हुई संधि को संशोधन कर प्रावधान कड़े कर दिए गए हैं। जबकि सिंगापुर और साइप्रस को लेकर सीबीडीटी और आयकर विभाग कालेधन के रास्ते बंद करने की दिशा में काम कर रहे हैं। जल्द ही कालेधन के रास्ते बंद कर दिए जाएंगे। सरकार इस बात का भी पता लगाएगी कि आखिर इन कंपंनियों को मालिक कौन है। 

वित्त मंत्री ने गौड़ा के सवाल के जवाब में चुटकी लेते हुए कहा कि आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हाल के राजनीतिक घटनाक्रम में लगता है देर से ही सही आपको बुद्धि आ गई है। जेटली ने बताया कि तीन विशेषज्ञों की समिति ने अपनी टिप्पणी तैयार की है। जल्द ही उसे स्थाई समिति के सामने जांच के लिए रखा जाएगा। नोटबंदी के बाद सारा कैश बैंकों में जमा हुआ है। बैंक में जमा तमाम गुमनाम लोगों की पहचान हो चुकी है मालिक कौन है। इससे कालेधन में कमी आई है। 
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