फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaishankar: 'US-चीन की नई वैश्विक शर्तों से दुनिया में अस्थिरता', जयशंकर बोले- सप्लाई चेन पर बढ़ा रहा दबाव

Sat, 29 Nov 2025 04:48 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कोलकाता में कहा कि अमेरिका और चीन की नई नीतियों ने वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर दिया है। अमेरिका अब एक-एक देश से सीधे बात कर रहा है, जबकि चीन अपनी शर्तों पर ज्यादा सख्त हो गया है।
विज्ञापन
एस. जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोलकाता में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक राजनीति और आर्थिक समीकरणों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय ऐसे मोड़ पर है जहां अमेरिका और चीन की नई नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को अस्थिर कर दिया है। बदलते हालात में देशों के सामने यह तय करना मुश्किल हो गया है कि उन्हें प्रतिस्पर्धा पर ध्यान देना चाहिए या उन समझौतों पर जो बैक चैनल में होते रहते हैं।

विज्ञापन


जयशंकर ने कहा कि अमेरिका अब पुराने ढांचे के तहत दुनिया का नेतृत्व नहीं कर रहा, बल्कि एक-एक देश के साथ सीधे और नई शर्तों पर बातचीत कर रहा है। दूसरी ओर, चीन भी अपने नियमों पर ज्यादा कठोरता से काम कर रहा है। इस स्थिति में दुनिया के कई देश असमंजस में हैं और संभावित जोखिमों से बचने के लिए सभी विकल्प खुले रख रहे हैं।

वैश्विक दबाव और देशों की रणनीति
उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण, सप्लाई असुरक्षा और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश हर आकस्मिकता के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। जहां संभव हो, वे कठिन विकल्पों से बच रहे हैं और जहां फायदा दिख रहा है, वहां तुरंत निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण विभिन्न क्षेत्रों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स की मांग और उत्साह में तेजी आई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- तकरार के बीच सुलह की कोशिशें जारी, CM सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री शिवकुमार को नाश्ते पर बुलाया

चीन की हिस्सेदारी और सप्लाई चेन संकट
जयशंकर ने बताया कि वैश्विक उत्पादन का एक तिहाई हिस्सा आज चीन में होता है, जिससे सप्लाई चेन की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। संघर्षों और जलवायु संकटों ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है। ऊर्जा के मामले में अमेरिका अब बड़ा निर्यातक बन गया है, जबकि चीन नवीकरणीय ऊर्जा पर हावी है। यह बदलाव वैश्विक संतुलन को प्रभावित कर रहा है।

व्यापार, मांग और वित्तीय अस्थिरता
उन्होंने कहा कि व्यापार में मांग की अनिश्चितता और सप्लाई की बाधाएं जोखिम बढ़ा रही हैं। टैरिफ रेट्स में उतार-चढ़ाव से वैश्विक व्यापार पर अस्थिरता आई है। वित्तीय क्षेत्र में प्रतिबंधों का बढ़ता उपयोग, संपत्तियों की जब्ती और ब्लॉकचेन तकनीक का उभार नए वैश्विक वित्तीय ढांचे का संकेत दे रहे हैं।
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा कि दुनिया एक ऐसी स्थिति में प्रवेश कर रही है जहां हर देश अपनी सुरक्षा, आर्थिक हितों और भविष्य की रणनीति को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। अमेरिका और चीन दोनों के साथ सीधे संवाद करते हुए देश समानांतर विकल्प भी तलाश रहे हैं ताकि किसी भी संकट में वे प्रभावित न हों।

अन्य वीडियो-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें