भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बुधवार को इक्वाडोर की अपनी समकक्ष गैब्रिएला सोमरफेल्ड से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, कृषि और कैपेसिटी बिल्डिंग जैसे खास क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा विदेश मंत्री सोमरफेल्ड ने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
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उन्होंने बताया कि इक्वाडोर पहले से ही कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर का सदस्य है। विदेश मंत्री ने यह भी घोषणा की कि क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए फंडिंग को लेकर एक समझौता हो गया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए फंडिंग को लेकर समझौता हमारी विकास साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक कदम है।'
यह भी पढ़ें- Sabarimala Verdict: 'सुधार के नाम पर धर्म की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं कर सकते', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणीपिछले नवंबर में, मार्गेरिटा एक आधिकारिक दौरे पर इक्वाडोर गए थे। वहां के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ अजिन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने पर उनके साथ चर्चा की। अपनी यात्रा के दौरान, एमओएस मार्गेरिटा ने इक्वाडोर के मंत्रियों, उपमंत्रियों और अधिकारियों के साथ भारत और दक्षिण अमेरिकी देश के बीच खेती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी, ट्रेनिंग, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, व्यापार, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स जैसे खास क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए भी चर्चा की।
एमओएस ने सोमरफेल्ड के साथ भी एक मीटिंग की, जिसके दौरान दोनों मंत्रियों ने भारत और इक्वाडोर के डिप्लोमैटिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन्स के बीच कोऑपरेशन पर एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। मार्गेरिटा और सोमरफेल्ड ने मिलकर क्विटो में भारत की रेजिडेंट एम्बेसी का उद्घाटन किया, जिससे इक्वाडोर के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के भारत के कमिटमेंट पर जोर दिया गया।