India-Russia Relationship: विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन संकट को लेकर पश्चिमी देशों के साथ मॉस्को के साथ बढ़ती तल्खी की पृष्ठभूमि में गुरुवार को गोवा में भारत-रूस 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' की व्यापक समीक्षा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने यूक्रेन संकट मसले पर पश्चिमी देशों के साथ मॉस्को के लगातार तल्ख होते संबंधों की पृष्ठभूमि में गुरुवार को गोवा में भारत-रूस 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' की व्यापक समीक्षा की। दोनों विदेश मंत्रियों ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद के सम्मेलन से इतर गोवा में बेनौलिम के एक बीच रिसॉर्ट में एक घंटे तक बैठक की। रूस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष अंतरराज्यीय संबंधों की निष्पक्ष बहुध्रुवीय प्रणाली के निर्माण की दिशा में काम करना जारी रखने पर सहमत हुए हैं। लावरोव गुरुवार को दो दिवसीय यात्रा पर यहां पहुंचे हैं। बता दें कि एक दिन पहले ही रूस ने यूक्रेन पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को मारने का असफल प्रयास करने और क्रेमलिन पर ड्रोन से हमला करने का आरोप लगाया था।
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भारत ने एससीओ अध्यक्षता के लिए रूस के समर्थन की सराहना की
जयशंकर ने ट्वीट किया, ''रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के दौरान हमारे द्विपक्षीय, वैश्विक और बहुपक्षीय सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। भारत ने एससीओ अध्यक्षता के लिए रूस के समर्थन की सराहना की। जी-20 और ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।" रूस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की गतिशीलता की प्रशंसा की। इसमें कहा गया है, ''आगामी संपर्कों के कार्यक्रम के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय एजेंडे के सामयिक मुद्दों सहित द्विपक्षीय संबंधों के मुख्य मुद्दों पर विश्वास आधारित विचारों का आदान-प्रदान हुआ।"