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Politics: 'मणिपुर पर चर्चा जल्दबाजी में की गई', जयराम रमेश का दावा- शाह के पास बुनियादी सवालों के जवाब नहीं थे

Sat, 05 Apr 2025 09:01 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद में मणिपुर पर चर्चा को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मणिपुर पर चर्चा इसलिए जल्दबाजी में की गई, क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पास कुछ बुनियादी सवालों के जवाब नहीं थे। उन्होंने मणिपुर के राज्यपाल को हटाने पर भी सवाल खड़े किए। 
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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 कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि संसद में मणिपुर पर चर्चा इसलिए जल्दबाजी में की गई, ताकि कोई असहज सवाल न उठें। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री के पास कुछ बुनियादी सवालों के जवाब नहीं थे। 

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लोकसभा और राज्यसभा ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने की पुष्टि करते हुए एक वैधानिक प्रस्ताव को पारित किया। दोनों सदनों ने रातभर चली कार्यवाही में विवादास्पद वक्फ (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी, जिसके बाद मणिपुर पर संक्षिप्त चर्चा की गई। 

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एक घंटे की चर्चा के बाद पारित किया गया वैधानिक प्रस्ताव
इस संबंध में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री शाह के पास कुछ बुनियादी सवालों के जवाब नहीं थे। इसलिए संसद में मणिपुर पर चर्चा जल्दबाजी में की गई। उन्होंने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा पर वैधानिक प्रस्ताव केवल एक घंटे की चर्चा के बाद पारित किया गया। 

जयराम रमेश ने उठाए कई सवाल
जयराम रमेश ने मणिपुर को लेकर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि भाजपा और उसके सहयोगियों को विधानसभा चुनावों में भारी जनादेश मिलने के महज 15 महीने बाद, मणिपुर क्यों जलने लगा? उन्होंने कहा कि क्या यह पीएम मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के शासन की विफलता नहीं है। उन्होंने पूछा कि मोदी सरकार को राष्ट्रपति शासन लागू करने में 18 महीने क्यों लगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त 2023 को टिप्पणी की थी कि मणिपुर में सांविधानिक तंत्र पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। 
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रमेश ने राज्यपाल को हटाने पर भी उठाए सवाल
जयराम रमेश ने जुलाई 2024 में मणिपुर के राज्यपाल को हटाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि छह महीने तक पूर्णकालिक राज्यपाल की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। रमेश ने कहा कि क्या ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि राज्यपाल तथाकथित डबल इंजन सरकार की नीतियों और कार्यों से असहमत थे। रमेश ने यह भी पूछा कि मई 2023 से प्रधानमंत्री ने मणिपुर का दौरा क्यों नहीं किया, जबकि वे अन्य राज्यों का दौरा करने के लिए समय निकाल रहे थे। 

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