कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस पेश किया, इसके साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि उन्होंने पार्टी की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की है।
कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश के आरोप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
कांग्रेस के नोटिस में क्या?
जयराम रमेश ने राज्यसभा अध्यक्ष जगदीप धनखड़ को दिए अपने नोटिस में बताया कि 25 मार्च को अमित शाह ने आपदा प्रबंधन विधेयक, 2024 पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष कांग्रेस शासन में बना था, जबकि पीएम केयर्स फंड नरेंद्र मोदी सरकार में बनाया गया। अमित शाह ने अपने बयान में कहा, 'कांग्रेस के शासनकाल में केवल एक परिवार का नियंत्रण था और कांग्रेस अध्यक्ष इसका हिस्सा थे। कांग्रेस अध्यक्ष सरकार के फंड का हिस्सा थे। वे सरकार को क्या जवाब देंगे?'
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'नाम नहीं लिया लेकिन छवि खराब करने की साजिश थी'
जयराम रमेश ने कहा कि अमित शाह ने भले ही सोनिया गांधी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उन्हीं की ओर था। उन्होंने सोनिया गांधी पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के संचालन में गलत इरादे से काम करने का आरोप लगाया।
'गृह मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू हो'
कांग्रेस नेता ने कहा, 'किसी भी सांसद पर इस तरह के आरोप लगाना संसद की अवमानना और विशेषाधिकार हनन माना जाता है। गृह मंत्री ने झूठे आरोप लगाए और यह सोनिया गांधी की छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश थी।' उन्होंने राज्यसभा सभापति से मांग की कि गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए।