राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमान ने एक अनूठी पहल के तहत चेतक जोनल क्वालिटी कंट्रोल एंड वर्क्स ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना भटिंडा मिलिट्री स्टेशन में की है। दक्षिण पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने 22 मार्च 2025 को इस केंद्र का उद्घाटन किया।
गुणवत्ता नियंत्रण व 'वैल्यू फॉर मनी' सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। यह अत्याधुनिक सुविधा, उपयोगकर्ताओं, प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप्स, ठेकेदारों एवं कार्यकारी अधिकारियों को गुणवत्ता नियंत्रण, नवीनतम निर्माण तकनीकों तथा निर्माण व इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्री की जांच के संबंध में शिक्षित करेगी।
इसमें एक जोनल टेस्ट लेबोरेटरी क्वालिटी कंट्रोल सेंटर शामिल है, जिससे यह सेंटर चीफ इंजीनियर, भटिंडा ज़ोन के लिए न केवल चल रहे सिविल कार्यों की गुणवत्ता जांच का सेंटर बना है, बल्कि सिविल इंजीनियरिंग कार्यों के निर्धारित मानकों को भी सुनिश्चित करेगा। आर्म्ड फोर्सेज में प्रशिक्षण, ऑपरेशनल प्रिपेयर्डनेस एवं लॉजिस्टिक समुचितता की आवश्यकता के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर एवं सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव के प्रयासों को सर्वोत्तम मानकों के अनुसार बनाए रखना आवश्यक है ताकि उनका दीर्घकालिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
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परीक्षण, सैम्पलिंग एवं निर्माण प्रक्रियाओं की समझ को बढ़ाने के लिए यह केंद्र तीन भागों में विभाजित है जिसमे सिविल इंजीनियरिंग टेस्ट लैब, सैंपल रूम तथा पीएमजी कॉर्नर सम्मिलित है। पीएमजी कॉर्नर उपयोगकर्ताओं को श्रेष्ठ निर्माण पद्धतियों तथा नवीनतम निर्माण तकनीकों के संबंध में जानकारी प्रदान करता है, वहीं सिविल इंजीनियरिंग टेस्ट लैब निर्माण सामग्री की विभिन्न प्रकार की जांच और कार्यों से जुड़े कर्मियों जैसे साइट इंजीनियर्स एवं जूनियर इंजीनियर्स को प्रशिक्षण देने हेतु डिज़ाइन की गई है।
यह सुविधा निर्माण क्षेत्र में नवीनतम प्रवृत्तियों, डिज़ाइनों एवं गुणवत्ता मानकों की जानकारी एवं व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करती है। यह केंद्र दक्षिण पश्चिम कमान का एक सराहनीय प्रयास है, जिसका उद्देश्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार लाना, निर्माण की इष्टतम गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा नवीनतम सामग्री और तकनीकों का उपयोग कर परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाना है। इससे न केवल कार्यों में पारदर्शिता आएगी , बल्कि एएमडब्यूपी जैसे कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा ।