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डाभोल केस में यूपीए सरकार ने ली थी पाकिस्तानी वकील की मदद, जाधव मामले में है पाक का वकील

Sun, 21 May 2017 09:17 AM IST
amarujala.com - Presented By: अनंत पालीवाल
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kureshi
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अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान की ओर से पैरवी कर रहे वकील खावर कुरैशी ने साल 2004 में कांग्रेस सरकार की मदद की थी। एक मीडिया चैनल के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, भाजपा का आरोप है कि वर्ष 2004 में इन्हीं खावर कुरैशी की मदद से यूपीए सरकार ने एक केस लड़ा था। 
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गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में पाकिस्तान की ओर से वकालत कर रहे खावर कुरैशी कुलभूषण जाधव की आजादी के आगे सबसे बड़ी रुकावट हैं।  पाकिस्तानी मूल के खावर कुरैशी मूलत: ब्रिटिश नागरिक हैं।

कुरैशी को 2006 में क्वींस काउंसिल बनाया गया था। भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को दी गई फांसी की सजा को सही साबित करने के लिए इसी वकील ने पाकिस्तान की तरफ से दलीलें रखी थीं।
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यह अलग बात है कि इस व्यक्ति की झूठी दलीलें भारत के सच्चे दावों के सामने टिक नहीं पाई और पाकिस्तान इस केस के पहले राउंड में हार गया। इस केस को लड़ने के लिए कुरैशी ने पाकिस्तान से 5 करोड़ रुपये फीस ली थी। 

क्या था मामला ---
एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश वकील कुरैशी को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने डाभोल पावर प्लांट प्रोजेक्ट केस में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए नियुक्त किया था।

इस केस में एनरॉन ने भारत सरकार पर 6 अरब डॉलर का दावा ठोका था। हालांकि यह केस बाद में पंचाट को भेज दिया गया था। वर्ष 2004 में जब यूपीए की सरकार सत्ता में आई तो उसने इस मामले में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही कानूनी टीम को बदल दिया और फिर कुरैशी को नियुक्त किया। ‘द लॉयर डॉट कॉम’ के मुताबिक कुरैशी को भारत की ओर से अपना वकील नियुक्त किया गया था। 
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