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जादवपुर विश्वविद्यालय: रामनवमी के लिए अनुमति नहीं मिलने पर विवाद, छात्रों ने प्रशासन पर लगाए पक्षपात का आरोप

Sat, 05 Apr 2025 05:09 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

देशभर में रामनवमी की तैयारी चल रही है। वहीं पश्विम बंगाल में ममता सरकार ने रामनवमी के लिए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया है। इतना ही नहीं हावड़ा की सुरक्षा बढ़ा दी है। इसी बीच जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के छात्रों को रामनवमी समारोह की अनुमति नहीं मिलना चर्चा का विषय बन रहा है। आइए जानते है कि क्या है पूरा मामला... 
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जादवपुर विश्वविद्यालय - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में रामनवमी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। इलाके में चारो ओर सुरक्षाबलों की तैनाती और हावड़ा की सुरक्षा बढ़ाना इस मामले में राज्य सरकार की सक्रियता को साफ तौर पर दिखा रहा है। इसी बीच कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति के नहीं होने का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में रामनवमी मनाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि प्रशासन के इस कदम के बाद छात्रों में काफी निराशा है।  
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विश्वविद्यालय के छात्र ने बताया बहाना
रामनवमी के लिए अनुमति नहीं देने पर जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के छात्रों में निराशा का माहौल है। साथ ही कई छात्रों ने इसे कॉलेज प्रशासन के द्वारा दिया जा रहा बहाना करार दिया। इन्हीं में से एक छात्र सोमसूर्या बनर्जी ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। सोमसूर्या ने बताया कि 28 मार्च को विश्वविद्यालय प्रशासन को रामनवमी समारोह के लिए अनुमति मांगने के लिए एक पत्र सौंपा था। बनर्जी के अनुसार, जब उन्होंने विश्वविद्यालय से अनुमति प्राप्त करने के लिए संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि कुलपति की अनुपस्थिति के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती है। बनर्जी ने इसे एक बहाने के रूप में बताया और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस स्थिति का फायदा उठा रहा है।
 

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छात्र ने विश्वविद्यालय परिसर पर लगाया आरोप

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सोमसूर्या ने यह भी बताया कि 3 और 4 अप्रैल को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई)  द्वारा विश्वविद्यालय में एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, और उस समय भी कुलपति उपस्थित नहीं थे, लेकिन उन्हें अनुमति मिल गई थी। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में इफ्तार जैसी धार्मिक गतिविधियों का आयोजन हुआ, लेकिन कभी किसी ने इसका विरोध नहीं किया।

छात्रों ने पुलिस को भेजा मेल
इसके साथ ही सोमसूर्या का कहना है कि उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सूचना दी है और पुलिस को भी एक ई-मेल भेजा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि वे रामनवमी को शांतिपूर्वक मनाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन और सभी छात्र संघ उनके समारोह का सम्मान करेंगे और सहयोग करेंगे। इस पूरे मामले में, बनर्जी का आरोप है कि प्रशासन रामनवमी समारोह के लिए उन्हें अनुमति नहीं दे रहा है, जबकि अन्य धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुमति दी जाती है।

रामनवमी को लेकर राज्य में सुरक्षा सख्त
वहीं पश्चिम बंगाल में रामनवमी समारोह की पूर्व संध्या पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रविवार की सुबह से बड़ी संख्या में धार्मिक रैलियों के सड़कों पर निकलने की संभावना है, जिसके मद्देनजर पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा तैनात की गई है। ज्ञात हो कि हाल के वर्षों में रामनवमी के दौरान राज्य में विभिन्न समूहों के बीच झड़पें हुई हैं, इसलिये इस बार पुलिस ने अधिक सतर्कता बरतने का फैसला किया है। कोलकाता में कम से कम 60 रैलियां निकाले जाने की संभावना है, जिसके लिए 3,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इन रैलियों की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

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मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि रैलियों की लाइव स्ट्रीमिंग होगी, जिससे स्थिति की निगरानी कोलकाता पुलिस मुख्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दल और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि रैलियों के दौरान शांति बनाए रखी जा सके।

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