जम्मू और कश्मीर में शहीद हुए लेफ्टिनेंट उमर फैयाज सेना में शामिल होने वाले युवाओं के लिए एक रोल मॉडल हैं। दरअसल, देहरादून की इंडियन मिलिट्री एकेडमी से करीब 500 कैंडिडेट्स पास आउट हुए हैं और खास बात है कि इसमें से 11 ऐसे कैंडिडेट्स हैं, जो कश्मीर से ही आते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सभी 11 फैयाज को अच्छे से जानते थे और वे उन्हें अपना रोल मॉडल मानते हैं।
बता दें कि 9 मई की रात आतंकियों ने छुट्टी पर अपने घर गए उमर को किसी तरह अगवा कर लिया था। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट फैयाज को कई घंटों तक तड़पाया और फिर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। बताया जाता है कि सेना में कश्मीरी युवकों शामिल न हो, इसलिए आतंकियों ने उमर को शहीद करके ये संदेश दिया था। 11 जवानों के आर्मी में चुने जाने पर कश्मीरी युवकों ने आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है।
घाटी से आर्मी में चुने जाने वाले आशुतोष भानटिया ने कहा कि उमर की मौत की खबर जानने के बाद वे पूरी तरह हिल गए थे। उन्हें उमर के शहीद होने पर डर भी लगा, लेकिन आतंकियों को मौत के घाट उतारने की हिम्मत भी आई। उन्होंने कहा कि वे घाटी में ही अपनी तैनाती चाहते थे और ऐसा हो भी रहा है।
आर्मी एविएशन में तैनात मोहम्मद सलमान ने भी फैयाज के व्यवहार की तारीफ में काफी कुछ बताया। उसने बताया कि फैयाज एक बहादुर लेफिनेंट और अच्छे व्यवहार का इंसान था। आर्मी में चुने गए एक अफसर के पिता ने कहा कि उमर के शहीद होने पर अपने बेटे की चिंता हुई। लेकिन, कश्मीर के युवा उमर को अपना रोल मॉडल मानते हैं और वे आगे बढ़कर इससे जुड़ रहे हैं।