के-9 विंग के श्वानों को मिला ये नाम
आईटीबीपी ने अपने के-9 विंग के श्वानों को नाम देने के लिए बुधवार को भानू में नामकरण समारोह आयोजित किया है। पहली बार किसी भी सशस्त्र बल में श्वानों को देसी नाम देने का प्रचलन प्रारंभ किया गया है। इन श्वानों को आईटीबीपी ने जो नाम दिए हैं, वे उन जगहों के हैं, जहां पर बल के जवान ड्यूटी देते हैं। ये नाम देश की सुरक्षा में लगे जवानों को समर्पित हैं।
लगभग 2 महीने पूर्व जन्मे बेल्जियन मेलिनोइस श्वानों के नाम रखे गए हैं। इन 17 श्वानों, जिनके पिता का नाम गाला और माताओं का नाम ओलगा और ओलिशिया हैं, उनके नए नाम हैं आने-ला, गलवान, ससोमा, सिरिजाप, चिप चाप, सासेर, चार्डिंग, रेजांग, दौलत, सुल्तान-चुस्कू, इमिस, रांगो, युला, मुखपरी, चुंग थुंग, खार्दुंगी और श्योक। इन के-9 योद्धाओं को 100 फीसदी स्थानीय नाम दिए गए हैं। आईटीबीपी के डॉग हैंडलर गर्व से अपने श्वानों को उन नाम से पुकारेंगे जहां भारत तिब्बत सीमा पर आइटीबीपी की तैनाती होती है।
नक्सल रोधी अभियानों में आईटीबीपी ने पहली बार एक दशक पूर्व बेल्जियन मेलिनोइस श्वानों को तैनात किया था। अब सुरक्षा बलों में इन श्वानों की बढ़ती मांग को देखते हुए आईटीबीपी ने इनकी वैज्ञानिक पद्धति से ब्रीडिंग भी प्रारंभ कर दी है। कई अन्य सुरक्षा बलों ने भी आईटीबीपी से इन श्वानों की उपलब्धता के लिए अनुरोध किया है।