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कोरोना को मात दे रहे आईटीबीपी के जवान, 17 दिन के नवजात व 78 वर्षीय वृद्ध को किया ठीक 

Sun, 13 Sep 2020 06:26 PM IST
मुकेश कुमार झा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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भारत-चीन सीमा पर चल रही तनातनी के बीच आईटीबीपी के जवानों ने जिस तरह से चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया है, उसी तरह ये जवान कोरोना को भी मात दे रहे हैं। दरअसल, छतरपुर स्थित विश्व के सबसे बड़े कोविड केयर सेंटर यानी 'सरदार पटेल कोविड केयर केंद्र (10000 बेड की क्षमता) पर आए कोरोना पॉजिटिव 17 दिन के नवजात और 78 साल के वृद्ध को भी ठीक कर दिया है। इस सेंटर से स्वस्थ होकर वे अपने घर गए हैं। 

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71 दिनों में किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई
खास बात ये है कि 71 दिनों में कोविड के कारण किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई। यहां आए मरीजों को उनकी आयु एवं क्षमता के अनुसार योग और बल के अनुशासन वाली क्रियाओं में ढाल कर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाती है। इनमें समय पर योग के अलावा एक संतुलित व तय समय पर मिलने वाली डाइट का भी विशेष योगदान रहा है।

2454 से ज्यादा मरीजों का सफल इलाज
आईटीबीपी के अनुसार, इस सेंटर पर उच्च स्तरीय व्यवस्थाओं के कारण मरीजों की भर्ती की दर बढ़ रही है। विश्व के सबसे बड़े कोविड केयर पर कोविड संक्रमित लोगों का इलाज जारी है। अभी तक यहां पर तकरीबन हर आयु वर्ग के 2454 से ज्यादा मरीजों का सफल इलाज किया जा चुका है।
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पिछले 71 दिनों के दौरान लगभग चार हजार मरीजों को यहां दाखिल किया गया है। इनमें से केवल 81 मरीज ऐसे थे, जिन्हें विपरित परिस्थिति में ही दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ा है, अन्यथा सभी का सफल इलाज यहीं पर किया गया है। यहां स्वस्थ हुए मरीजों में 17 दिन के दुधमुंहे बच्चे से लेकर 78 वर्ष के वृद्ध तक शामिल हैं।

आईटीबीपी डीजी एसएस देसवाल ने खुद किया मुआयना
आईजी एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीसी डिमरी आईटीबीपी रेफरल अस्पताल के अनुसार, अब तक के सफल अनुभवों के कारण यह केंद्र, दिल्ली का प्रमुख कोविड केयर केंद्र बन गया है। आईटीबीपी डीजी एसएस देसवाल ने खुद यहां आकर सेंटर की व्यवस्था को करीब से देखा है। कई बैठकों के बाद डॉक्टर और अन्य स्टाफ के लिए सुरक्षा मानक तय किए गए थे।

सबसे अच्छी बात यह है कि यहां पर आए मरीजों को आईटीबीपी के उसी अनुशासन में रखा जाता है, जिसमें जवान व अधिकारी रहते हैं। जैसे सुबह जल्दी उठना, योग व शारीरिक व्यायाम करना और उसके बाद हेल्दी डाइट दी जाती है। दोपहर और रात के खाने में फोर्स को मिलने वाले भोजन की झलक रहती है। हालांकि ये डाइट चार्ट मरीजों की आयु एवं शारीरिक क्षमता के अनुसार ही तैयार किया जाता है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 27 अगस्त को किया था दौरा 
यह केंद्र पांच जुलाई से प्रारंभ किया गया था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 27 अगस्त को इस केंद्र का दौरा किया था। पिछले कुछ दिनों में यहां भर्ती होने वाले मरीजों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। लगभग एक सप्ताह में इस केंद्र पर 700 से ज्यादा मरीज भर्ती किए गए हैं। अभी इस केंद्र में 90 प्रतिशत बेड सामान्य और 10 प्रतिशत इंटेंसिव केयर ऑक्सीजन बेड हैं।केंद्र पर आए लोगों को तनाव आदि से दूर रखने के लिए आईटीबीपी के परामर्शदाता की सेवाएं मुहैया कराई गई हैं।

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