बर्फ ने ऑपरेशन में बाधा डाली, लेकिन वायुसेना ने वह दिक्कत दूर कर दी ...
लद्दाख में गत वर्षों के मुकाबले इस बार ज्यादा बर्फबारी हुई थी, इसलिए राहत कार्यों में बाधा आई। आईटीबीपी ने इसका हल निकाल लिया। आर्मी और वायुसेना की मदद से लोगों के घरों तक पहुंचने का प्लान तैयार किया गया। हवाईजहाजों की मदद से लोगों तक सामान पहुंचाया गया।
मेडिकल सामग्री भी हवाईजहाज के जरिए लेह तक लाई गई। इसके बाद आईटीबीपी, सेना और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी और उपकरण देने शुरू कर दिए। कई फुट बर्फ में से चलकर आईटीबीपी और सेना के जवान हर घर तक पहुंचे।
ग्रामीणों से पूछकर कोरोना के संदिग्धों की सूची तैयार की गई। अनेक लोगों को क्वारंटीन में भेजा गया। हर गांव कवर कर यह सुनिश्चित किया गया कि यहां बाहर से कोई व्यक्ति बिना टेस्ट के तो नहीं आया है। इसके बाद लोगों के घरों को सैनिटाइज करने की मुहिम शुरू हुई।
उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में बताया गया। चूंकि उन लोगों के पास एक माह का राशन था, जो खत्म होने जा रहा था, इसलिए अब हर गांव तक राशन पहुंचाना भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य था। पीआरओ विवेक पांडे के अनुसार, हमने इसके लिए वायुसेना की मदद ली।
जैसे ही राशन सामग्री लेह पहुंची, हमारे जवानों ने वे पैकेट घर-घर तक पहुंचा दिए। इसका दोहरा फायदा हुआ, राशन के वितरण के चलते लोगों का दोबारा सर्वे हो गया। किसी व्यक्ति में कोरोना का लक्षण दिखता तो उसे क्वारंटीन में रखकर उसकी जांच कराई जाती थी। इससे कोरोना के मरीजों की चेन टूटती चली गई।