नौसेना की सेवा से हटाए गए विमानवाहक पोत विराट का 30 फीसदी हिस्सा ध्वस्त किया जा चुका है। इसे पूरी तरह तोड़ने में अभी नौ महीने का वक्त और लगेगा। पिछले साल जुलाई में नीलामी में विराट को खरीदने वाली गुजरात के भावनगर स्थित कंपनी श्रीराम ग्रुप के चेयरमैन मुकेश पटेल ने कहा कि कंपनी ने इसे पिछले साल दिसंबर में तोड़ना शुरू किया था।
पटेल ने उम्मीद जताई कि इस काम को पूरा होने में आठ-नौ महीने और लगेंगे। इस पोत को 38.54 करोड़ में खरीदा गया था। विश्व के सबसे पुराने पोत को नौसेना ने चार साल पहले अपनी सेवा से मुक्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि इसको तोड़ने के काम में 300 कुशल कर्मियों को लगाया गया है और इस काम में हम वैश्विक मानकों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।