बसपा सुमीमों मायावती उत्तर प्रदेश की जनता खासकर मुसलमनों को यद संदेश देना चाहती है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी से मुकाबले के लिए सिर्फ और सिर्फ वह सक्षम हैं। इसी रणनीति के तहत वह जहां जहां पीएम मोदी ने यूपी में रैली का बड़ा कार्यक्रम किया, वह अब वहां वहां बड़ी रैली करने के लिए दस्तक दे रही है। उनका भाषण में हमला हालांकि कांग्रेस और सपा पर भी रहता है लेकिन सबसे आक्रमण हमला वह भाजपा और खुद नरेंद्ंर मोदी का टारगेट पर लेकर कर रही हैं। बसपा प्रमुख का इस बार पूरा ध्यान मुस्लिम-दलित गठजोड़ के दम पर सत्ता हासिल करने का है।
इलाहाबाद में मायावती की रैली चार सिंतबर को हैं। यहां पर भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग के बाद पीएम ने बड़ी रैली की थी। मायावती ने अब वहां पचास से अधिक विधानसभा क्षेत्र केकार्यकर्ताओं की रैलीं बुलाकर मुस्लमों को संदेश देना चाहेगी कि दलित उनकेसाथ मजबूती से खड़ें हैं, अगर वह भी इसी शिद्द से साथ रहे तब भाजपा को उनके सांप्रयादिता को बढ़ावा देने के मंसूबे पूरे करने से रोक दिया जाएगा।
सहारनपुर में भाजपा ने केंद्र सरकार के दो साल पूर होने का जश्न मनाया था। नरेंद्र मोदी समेत कैबिनेट के कई साथी उस रैली में शिरकत करने पहुंचे थे। बसपा मुखिया 11 को सहारनपुर में रैली कर दहाडेंगी। मजे की बात यह है कि बसपा ने उसी चुन्हैटी गांव केमैदान को चुना है जिसमें मोदी ने भाषण दिया था। सहारनपुर रैली में मेरठ मंडल की 26 और सहारनुपर मंडल की 16 यानि 44 विधानसभा सीटों केकार्यकर्ता शिरकत करेंगे। मोदी से ज्यादा भीड़ जुटाने का लक्ष्य बसपा का है।