प्रसिद्ध हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाए जाने के बाद भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने रविवार को दरगाह में चादर चढ़ाई। हालांकि, इस बीच उन्होंने मजार तक जाने से परहेज किया। दरगाह में प्रवेश करने पर तृप्ति ने खुशी जाहिर की। उन्होंने दरगाह के ट्रस्टियों से अपील की कि वह हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न दें।
तृप्ति ने ट्रस्टियों से कहा कि यह 21वीं सदी है। आपको महिलाओं को आंतरिक गर्भगृह में जाने की अनुमति देनी चाहिए। दरगाह में प्रवेश के बाद उन्होंने कहा कि जैसे हमने शनि मंदिर में पूजा-अर्चना की थी, उसी तरह हाजी अली दरगाह में भी शांतिपूर्वक प्रवेश किया। दरगाह में प्रवेश करने के दौरान जहां तृप्ति को अवामी विकास पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रोका, वहीं कई मुस्लिम महिलाओं ने उनका (तृप्ति) का समर्थन किया।
शुक्रवार को बांबे हाईकोर्ट ने महिलाओं के हाजी अली दरगाह में प्रवेश करने पर लगी रोक को हटा दिया था। हालांकि ट्रस्ट की ओर से फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की मांग पर हाईकोर्ट ने अपने फैसले पर छह हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। बांबे हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने रविवार को हाजी अली दरगाह जाने का एलान किया था।