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हाजी अली दरगाह में तृप्ति देसाई ने चढ़ाई चादर

Sun, 28 Aug 2016 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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तृप्ति देसाई - फोटो : ANI
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प्रसिद्ध हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाए जाने के बाद भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने रविवार को दरगाह में चादर चढ़ाई। हालांकि, इस बीच उन्होंने मजार तक जाने से परहेज किया। दरगाह में प्रवेश करने पर तृप्ति ने खुशी जाहिर की। उन्होंने दरगाह के ट्रस्टियों से अपील की कि वह हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न दें।
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तृप्ति ने ट्रस्टियों से कहा कि यह 21वीं सदी है। आपको महिलाओं को आंतरिक गर्भगृह में जाने की अनुमति देनी चाहिए। दरगाह में प्रवेश के बाद उन्होंने कहा कि जैसे हमने शनि मंदिर में पूजा-अर्चना की थी, उसी तरह हाजी अली दरगाह में भी शांतिपूर्वक प्रवेश किया। दरगाह में प्रवेश करने के दौरान जहां तृप्ति को अवामी विकास पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रोका, वहीं कई मुस्लिम महिलाओं ने उनका (तृप्ति) का समर्थन किया। 

शुक्रवार को बांबे हाईकोर्ट ने महिलाओं के हाजी अली दरगाह में प्रवेश करने पर लगी रोक को हटा दिया था। हालांकि ट्रस्ट की ओर से फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की मांग पर हाईकोर्ट ने अपने फैसले पर छह हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। बांबे हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही भूमाता ब्रिगेड की अध्यक्ष तृप्ति देसाई ने रविवार को हाजी अली दरगाह जाने का एलान किया था। 
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विभिन्न मंदिरों में प्रवेश के बाद हाजी अली दरगाह में किया प्रवेश

मुंबई में स्थित हाजी अली दरगाह - फोटो : PTI
भूमाता ब्रिगेड काफी अर्से से महिलाओं के अधिकार को लेकर एक मुहिम छेड़े हुए है। शनि शिंगणापुर और फिर त्र्यंबकेश्वर मंदिर और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में सफलतापूर्वक प्रवेश करने के बाद उन्होंने हाजी अली दरगाह में प्रवेश किया। 

मालूम हो कि हाजी अली दरगाह ट्रस्ट में नए पदाधिकारी के आने के बाद जून 2012 में महिलाओं को मजार पर जाने से रोक दिया गया था। दरगाह प्रशासन ने इस प्रतिबंध को जायज ठहराते हुए कहा था कि एक पुरुष संत की कब्र के करीब महिलाओं का प्रवेश इस्लाम के खिलाफ है।
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