कांग्रेस ने चीन और अदाणी को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसंपर्क मशीनरी उनके 'मन की बात' के 100 वें एपिसोड के लिए ओवरटाइम काम कर रही है, जबकि अदाणी और चीन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप है।
बता दें, पीएम मोदी का 'मन की बात' कार्यक्रम अगले रविवार को अपने 100वें संस्करण को पूरा करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जनता का समर्थन था, जिसके कारण इस कार्यक्रम को सफलता मिली।
23 करोड़ लोगों की पसंद 'मन की बात' कार्यक्रम
हर महीने के आखिरी रविवार को देश में करीब 23 करोड़ लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम से जुड़ते हैं। 65 प्रतिशत श्रोता इसे हिंदी में सुनना पसंद करते हैं। हाल ही में, एक सर्वे में सामने आया कि 100 करोड़ से अधिक लोग कार्यक्रम को कम से कम एक बार सुन चुके हैं। जबकि लगभग 41 करोड़ सामयिक श्रोता हैं। आंकड़े इंस्टीट्यूट ऑप मैनेजमेंट रोहतक की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार हैं।
सर्वेक्षण में पाया गया कि 18 प्रतिशत लोगों ने कार्यक्रम को अंग्रेजी में, चार प्रतिशत ने उर्दू में, और दो प्रतिशत ने डोगरी और तमिल में सुनना पसंद किया। अन्य भाषाओं जैसे मिजो, मैथिली, असमिया, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया, गुजराती और बंगाली के 9 प्रतिशत श्रोता हैं। 73 प्रतिशत लागों ने सरकार के कामकाज और देश की प्रगति के बारे में आशावादी महसूस किया, जबकि 58 प्रतिशत ने कहा कि उनके रहने की स्थिति में सुधार हुआ है। कम से कम 59 प्रतिशत ने सरकार में विश्वास बढ़ने की बात कही।
सरकार के प्रति आम धारणा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 63 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सरकार के प्रति उनका दृष्टिकोण सकारात्मक हो गया है और 60 प्रतिशत ने राष्ट्र निर्माण के लिए काम करने में रुचि दिखाई है। सर्वेक्षण में पाया गया कि 'मन की बात' कार्यक्रम का सबसे लोकप्रिय विषय भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियां, आम नागरिकों की कहानियां, सशस्त्र बलों की वीरता, युवाओं से जुड़े मुद्दे, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन रहे हैं।