चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय आईटी और आईटीईएस निर्यात में 8 से 10 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। वाणिज्य विभाग के तहत आने वाले निकाय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट प्रोमोशन काउंसिंल (ईएससी) के कार्यकारी निदेशक डीके सरीन ने कहा कि सौर ऊर्जा इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपीएस सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा जैसे निर्यात के नए रास्ते खुलने के कारण इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर के निर्यात में भी 7 से 8 फीसदी की वृद्धि देखी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि जब तक हमारे पास आरबीआई के पूरे आंकड़े नहीं होंगे, तब तक ये नंबर (आईटी और आईटीईएस) प्राप्त करना मुश्किल है। लेकिन, पहले दो से तीन तिमाहियों में हम उम्मीदों पर खरा उतरे हैं। इसलिए कुल मिलाकर 8 से 10 फीसदी की वृद्धि (इस साल) का अनुमान लगा सकते हैं। पिछले साल फरवरी में उद्योग निकाय नैसकॉम ने अनुमान लगाया था कि वित्त वर्ष-18 के 126 अरब डॉलर के मुकाबले चालू वित्त वर्ष में भारतीय आईटी निर्यात 7 से 8 फीसदी बढ़कर 137 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
तीन साल से नकारात्मक वृद्धि
हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक घटक निर्यात पर एक सवाल के जवाब में सरीन ने कहा कि चेन्नई में नोकिया की निर्माण इकाई बंद होने के साथ विभिन्न वजहों के कारण पिछले तीन वर्षों के दौरान नकारात्मक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख निर्माताओं द्वारा चीन से भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयों को स्थानांतरित करने के संकेत मिले थे, जिसे देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर निर्यात प्रवृत्ति में वृद्धि की उम्मीद है।