भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो आज शाम 4 बजकर 57 मिनट पर साउथ एशिया सेटेलाइट लांच करेगा। ये प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया जाएगा। इस उपग्रह को इसरो का रॉकेट जीएसएलवी एफ-09 से लांच किया जाएगा।
भारत की ओर से उसके दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों के लिए उपहार माना जा रहा है। इस उपग्रह का निर्माण इसरो ने किया है। यह एक संचार उपग्रह है और इसके लिए भारत किसी भी देश से कोई शुल्क नहीं लेगा। इस उपग्रह को करीब 235 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। जबकि इस प्रोजेक्ट का कॉस्ट 450 करोड़ रुपये है।
साउथ एशिया सेटेलाइट की 5 खास बातेंः-
-इस सैटेलाइट के प्रक्षेपण से सार्क देशों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।
-इसका उद्देश्य दक्षिण एशिया क्षेत्र के देशों को संचार और आपदा सहयोग मुहैया कराना है
-सार्क देशों में पाकिस्तान को छोड़ बाकी सभी देशों को इस उपग्रह का फायदा मिलेगा।
- इस उपग्रह से देशों के बीच हॉट लाइन की सुविधा दी जा सकेगी और टेली मेडिसिन सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
-इस उपग्रह से सभी सहयोगी देश अपने-अपने टीवी कार्यक्रमों का प्रसारण कर सकेंगे। किसी भी आपदा के दौरान उनकी संचार सुविधाएं बेहतर होंगी।