इसरो जल्द दस और स्वदेशी सेटेलाइट लांच करेगा। इनमें 7 सेटेलाइट संचार सेवा और 3 भू प्रेक्षण उपग्रह होंगे। इससे पहले भी इसरो 13 स्वदेशी सेटेलाइट लांच कर चुका है। इनमें 6 नौवहन, तीन संचार, एक भू प्रेक्षण, एक अंतरिक्ष विज्ञान उपग्रह और दो स्टूडेंट सेटेलाइट शामिल हैं।
मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) में शामिल होने से इसरो के अंतरराष्ट्रीय सहयोग में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने अमर उजाला को बताया कि एमटीसीआर के अन्य सदस्य देशों से निर्यात नियंत्रित उच्च टेक्नोलॉजी वाले उपकरणों की आपूर्ति आसान हो जाएगी। इसके अलावा इसरो के व्यावसायिक कार्यों में भी बढ़ोतरी होगी।
इस तरह भारत अंतरिक्ष सुरक्षा विषयों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। इसके साथ ही इसरो और नासा ने संयुक्त रूप से उपग्रह विकसित करने की योजना बनाई है। इस सेटेलाइट को लांच करने में अभी पांच साल और लग सकते हैं। यह रडार संबंधित उपग्रह होगा।
डा. सिंह ने बताया कि इसरो इसके लिए अंतरिक्ष यान, अंतरिक्ष यान एकीकरण एवं परीक्षण और प्रक्षेपण की जिम्मेदारी का निर्वाह करेगा। इस सेटेलाइट से प्राप्त आंकड़े विभिन्न कार्यों में उपयोगी होंगे।
इस सेटेलाइट से प्राकृतिक संसाधनों की मैपिंग और निगरानी, फसल चक्र की संपूर्ण अवधि के दौरान कृषि संबंधी जैव मात्रा का आकलन हो सकेगा। बाढ़ और तेल रिसाव की भी निगरानी संभव हो सकेगी।