संचार उपग्रह जीसैट-6ए की नाकामी भूल जाइए। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने गुरुवार को नए नैविगेशन सैटेलाइट को लॉन्च कर दिया। इंडियन रीजनल नैविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (आईआरएनएसएस-1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह चार बजे अंतरिक्ष में भेजा गया।
यह लांचिग पीएसएलवी-सी41 रॉकेट के जरिये की गई। आईआरएनएसएस-1 उस सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1एच की जगह लेगा, जिसकी लांचिग पिछले साल 31 अगस्त को असफल हो गई थी।
देसी जीपीएस नाविक को मिलेगी ताकत
यह सैटेलाइट भारतीय नैविगेशन मैप सिस्टम (नाविक) की ताकत बढ़ाएगा। नाविक के तहत भारत ने आठ सैटेलाइट लांच किए हैं, जिसमें से आईआरएनएसएस-1एच को छोड़कर बाकी सभी सफल रहे। सैटेलाइट की मदद से नक्शा बनाने, समय के सटीक आंकलन, नैविगेशन और समुद्री नैविगेशन में मदद मिलेगी। यह सेना के लिए काफी कारगर होगा।
असफल हो गई थी 29 मार्च की लांचिग
इसरो ने 29 मार्च को संचार सैटेलाइट जीसैट-6ए को लांच किया था, लेकिन 24 घंटे बाद ही उससे संपर्क टूट गया। पुन: संपर्क के सभी प्रयास विफल रहे।
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